उत्तर भारत के राज्यों में बंगाल की खाड़ी से आ रही सशक्त प्रणाली के कारण भारी बारिश होने की संभावना बन रही है। वैसे तो देश से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश वाली स्थितियां दोबारा से उत्तर व मध्य भारत के बहुत बड़े भूभाग पर बन रही है।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि देश पर चक्रवात जवाद का खतरा लगभग टल चुका है, परंतु हरियाणा, पंजाब, एनसीआर दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान से खतरा अभी टला नहीं है। इसी खतरे के मद्देनजर भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर भारत के राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं। बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया बना हुआ है, जो आज शाम तक डीप डिप्रेशन लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो जाएगा। 16 अक्तूबर की रात तक इसका प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर दिल्ली के आसपास पहुंचने की संभावना है। इसके साथ-साथ पाकिस्तान और पंजाब की तरफ से एक शक्तिशाली मौसमी प्रणाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय हो रहा है। जैसे ही शनिवार को पूर्वी हवाएं एनसीआर दिल्ली, हरियाणा के आसपास पहुंचेगी उनका टकराव शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस से होगा। यानी पूर्वी नमी वाली पवनों का पछुआ पवनों से टकराव होगा और बेमौसमी भारी बारिश का दौर शनिवार की अर्ध रात्रि से ही शुरू हो जाएगा। एक बार फिर से पूरे इलाके का मौसम गतिशील एवं परिवर्तनशील होने वाला है।