जिले क्षेत्र में शुक्रवार रात से रुक-रुककर हुई 20 एमएम बारिश के बाद स्टेट हाईवे से लेकर शहर के मुख्य बाजार व गलियों में बारिश का पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हुई। वहीं दिनभर 15 से 25 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। कृषि विशेषज्ञ फसलों के लिए बारिश को हर दृष्टि से लाभदायक मान रहे हैं।
यहां हुई सबसे अधिक परेशानी
शहर के शॉपिंग कांपलेक्स में जगह-जगह बने गड्ढों में जमा बारिश के पानी से सुरक्षित निकलने का रास्ता भी नजर नहीं आया। मोहल्ला खटीकान सराय, गौशाला रोड, अनाज मंडी रेलवे फाटक रोड, कैंची मोड़, सब्जी मंडी रोड, आईटीआई रोड, मसानी चौक, आजाद चौक, सब्जी मंडी रोड, सिनेमा रोड, 11 हट्टा बाजार, स्टेट हाईवे, ब्रह्मचारी रोड, डुलाना रोड, बुचौली रोड, गोशाला रोड सहित अनेक स्थानों पर पानी जमा रहने से दिनभर लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
24 तक मौसम रहेगा परिवर्तनशील
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा जिला कृषि मौसम इकाई महेंद्रगढ़ के मौसम विशेष डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि 24 जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ की स्थिति रहने के कारण 24 जनवरी तक बीच-बीच में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश तथा हवाएं चलने की संभावना रहेगी। इस दौरान न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं आएगा तथा उसके बाद तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट संभावित है।
कहां कितनी हुई बारिश
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा जिला कृषि मौसम इकाई महेंद्रगढ़ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार महेंद्रगढ़ में शनिवार सुबह तक 20 एमएम, नारनौल में 12 एमएम, अटेली 11 एमएम कनीना 8 एमएम, नांगल चौधरी में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
ये है जिले में फसलों की स्थिति
इस समय जिला में 3 लाख 65 हजार 200 एकड़ में विभिन्न फसलें खड़ी हैं। प्रमुुख फसल सरसों 2 लाख 70 हजार एकड़, 75 हजार एकड़ में गेहूं, 12 हजार एकड़ में चना, 1500 एकड़ में फल व सब्जियां, 700 एकड़ में जौ, 4300 एकड़ में पशु चारा तथा 700 एकड़ में मटर की फसल खड़ी है।
सभी फसलों को होगा बारिश से फायदा
दो सप्ताह पूर्व हुई बारिश से क्षेत्र में सभी फसलों को लाभ हुआ था। अब इस समय हुई बारिश से फसलों की बढ़वार भी तेजी से होगी। पिछले कुछ दिनों से अधिक ठंड होने के कारण कुछ समय के लिए पौधों की बढ़वार हल्की सी प्रभावित हो गई थी लेकिन अब पुन: रफ्तार पकड़ेगी। सरसों व गेहूं दोनों ही फसल तेजी से ग्रोथ करेंगी। सबसे बड़ी बात है कि अभी तक दोनों की फसलों में किसी भी प्रकार के रोग का प्रकोप भी नहीं है जिससे उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। - डॉ. रमेश कुमार, केवीके संयोजक।