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मरी गायों को गड्ढे में न दबाकर खुले में फेंका जा रहा

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मृत गाय को नोचतें कुत्ते । - फोटो : Narnol
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नारनौल। गायों की देखभाल के नाम गोशालाएं आमजन के साथ सरकार से हजारों लाखों रुपये का चंदा ले रही है लेकिन कई गोशालाओं की हालत आज भी दयनीय बनी हुई है। क्षेत्र की एक गोशाला अपनी दयनीय हालत को बयान कर रही है। यहां मृत गायों को जमीन में दफनाने की बजाय खुले में फेंका जा रहा है।
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सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में मृत गायों को कुत्ते नोच-नोच कर खा रहे हैैं। इसमें कमेटी द्वारा किस प्रकार गायों को दफनाया जा रहा है और मृत गायों को कुत्ते किस प्रकार खा रहे हैं यह दिख रहा है। सूत्रों की मानेें तो यह काफी समय से चल रहा है, लेकिन अभी तक किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार गोशाला में खाने-पीने की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण गाय भूख से मर रही हैं। वहीं गोशाला कमेटी की माने तो गोशाला में चारे-पानी की कोई कमी नहीं है।
- गोपाल गोशाला में भी देखने को मिली इस प्रकार लापरवाही
कुछ वर्ष पूर्व शहर के प्रमुख गोपाल गोशाला में भी ऐसा ही मामला देखने को मिला था। इसमें गोशाला कमेटी द्वारा गायों की सही प्रकार से देखभाल नहीं होने से मरी गायों को खुले में फेंका जा रहा था। मगर मामला मीडिया में आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और प्रशासन ने कमेटी पर एक प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति कर मृत गायों को नमक के साथ गड्ढा खोदकर दबवाया।
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- क्या कहते है गोशाला प्रधान
कुलताजपुर स्थित श्रीनंद ब्राह्मचारी गोशाला समिति के प्रधान जुगल किशोर ने बताया कि कुछ गाय कमजोर होने के कारण दम तोड़ चुकी हैं। गोशाला द्वारा मृत गायों को सही प्रकार से गड्ढा खोदकर ही दबाया जाता है। गोशाला में 200 के करीब गाय हैं इनके खाने-पीने के लिए चारे पानी की कोई कमी नहीं है। अगर कोई कमी रह गई है तो हम उसमें सुधार करने का प्रयास करेंगे।
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