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छलक नाले का अधूरा निर्माण कार्य बन रहा हादसे का कारण

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अधूरा पड़ा छलक नाले का निर्माण कार्य। संवाद - फोटो : Narnol
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शहर के बीचों-बीच गुजर रहे छलक नाले का अधूरा निर्माण लोगों के आंसू छलका रहा है। नाले का कार्य कछुआ गति होने के कारण अभी तक 40 प्रतिशत ही कार्य पूर्ण हो पाया है। वहीं इसमें गिरने से कई लोग घायल हो चुके हैं। वीरवार को पार्किंग करते समय एक व्यक्ति कार लेकर नाले में गिर गया था, जिससे उसकी मतौ हो गई थी। बरसात के मौसम से नाले का कार्य रोक दिया गया था, जिससे न केवल स्थानीय लोगों का बल्कि वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, मगर नगर परिषद अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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बता दें कि कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक करीब 4-5 किलोमीटर तक फैला छलक नाला शहर के बीचों-बीचों होकर गुजरता है। वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने छलक नाले का कायाकल्प करने की घोषणा की थी। इसके लिए करीब 28 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। 2019 को जयपुर की एक एजेंसी को इसके निर्माण का कार्य सौंपा गया था, मगर एजेंसी इसका निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से कर रही है। वहीं बारिश के बाद से कार्य ही पूरी तरह से बंद हो गया। ऐसे में छलक नाले का आधा-अधूरा निर्माण हादसे का कारण बन रहा है।
बरसाती नदी बन गई छलक नाला
एक समय में शहर के बीचों-बीच से बरसाती पानी की छलक नदी गुजरती थी, जिसकी लंबाई व चौड़ाई भी अधिक थी, लेकिन शहर की आबादी बढ़ने से लोगों ने नदी के आस-पास रिहायश कर ली है। जिससे इस छलक नदी ने छलक नाले का रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों ने इसके निर्माण में भी भारी अनियमितताएं बरतने की बात कही है। क्योंकि छलक नाले के निर्माण में नाले की चौड़ाई कही अधिक की गई है तो कही कम है। इसके अलावा निर्माण सामग्री में भी घटिया स्तर की इस्तेमाल करने की बात सामने है, क्योंकि कुछ समय पूर्व निर्माण की दीवार टूट गई थी।
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नाले पर दीवार होती तो टल सकता था हादसा
पूर्व पार्षद दयानंद सोनी, अमरनाथ सोनी, सत्यप्रकाश, निरंजन लाल, राम सिंह, ओमप्रकाश व मुकेश ने बताया कि अगर नाले पर दीवार होती तो शायद गत दिवस हुआ हादसा टल सकता था। उन्होंने कहा कि नाले की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण काफी गंदगी बन गई है। इस कारण गत दिवस गिरी कार इसी गंदगी में फंस गई और एक व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना का जिम्मेदार अधिकारी व संबंधित ठेकेदार है, क्योंकि अगर नाले का निर्माण पूरा हुआ होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
छलक नाले के साथ सड़क व पार्क बनाने की है योजना
छलक के लेआउट अनुसार छलक नाले के दोनों तरफ पक्की सड़क बननी है। इसके साथ-साथ खाली जगह पर पार्क, शौचालय का निर्माण किया जाना है। सड़क पर फुटपाथ व स्ट्रीट लाइटें लगनी है। वहीं छलक नाले के दोनों तरफ सेफ्टी के लिए लोहे की जाली लगाई जानी है। मगर दो साल में छलक नाले का 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। इससे आस-पास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
शहर के बीचों-बीच बने छलक नाले का निर्माण कार्य जारी है। बारिश के दौरान कुछ समय के लिए कार्य रूक गया था। मगर अब निर्माण कार्य किया जा रहा है। संबंधित ठेकेदार को आदेश देकर जल्द से जल्द कार्य को पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। -अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन, नगर परिषद नारनौल।

अधूरा पड़ा छलक नाले का निर्माण कार्य। संवाद- फोटो : Narnol

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