फोटो संख्या:75- गांव ककराला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन सुनते श्रद्धालु--स्रोत-
कनीना। उपमंडल के गांव ककराला में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सती चरित्र, ध्रुव चरित्र व कपिल अवतार के प्रसंगों की कथा सुनाई। कथा गांव के फलसे चौक पर आयोजित हो रही है। भागवत आचार्य भारत शास्त्री पुजारी बरसाना वाले द्वारा सती चरित्र, ध्रुव चरित्र व कपिल अवतार के प्रसंग का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पांचवां अवतार कपिल मुनि के रूप में लिया। इनके पिता का नाम महर्षि कर्दम व माता का नाम देवहूति था। शरशय्या पर पड़े हुए भीष्म पितामह के शरीर त्याग के समय वेदज्ञ व्यास आदि ऋषियों के साथ भगवान कपिल मुनि भी वहां उपस्थित थे। भगवान कपिल मुनि सांख्य दर्शन के प्रवर्तक हैं। गुरु भगवान कपिल महामुनि भागवत धर्म के प्रमुख बारह आचार्यों में से एक हैं। भगवान शिव की अनुमति लिए बिना उमा अपने पिता दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में भाग लेने पहुंच गई। यज्ञ में भगवान शिव का आमंत्रण और उनका भाग न दिए जाने पर कुपित होकर सती ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर शरीर त्याग दिया।
इस मौके पर पंचायत समिति चेयरमैन जयप्रकाश यादव, महेंद्र सिंह, संतलाल नंबरदार, रामकिशन, दिनेश सोनी, इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, कृष्ण कुमार, उमेद सिंह, रेनू, रोनिका, सरिता सहित अनेक लोग मौजूद रहे।