वाहन चलाते समय कई बार की गई थोड़ी सी लापरवाही भी परिवारों को जीवनभर का दर्द दे जाती है। परिवार लाख प्रयासों के बावजूद भी हादसों में जाने वालों की कमी को पूरा नहीं कर पाते। ऐसा ही एक हादसा तीन वर्ष पूर्व गांव अगिहार निवासी अजीत सिंह के साथ अपने ससुराल गांव किशनपुरा जाते समय गांव रामबास के नजदीक जुलाई 27 को हुआ था। हादसे में 27 वर्षीय अजीत सिंह की मौत हो गई थी जिसके बाद तीन बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया था।
उस समय अजीत सिंह के पीछे उनकी 12 वर्षीय बेटी मुस्कान, सात वर्षीय खुशी व चार वर्षीय देविका तीन बेटियां व 23 वर्षीय पत्नी कृष्णा देवी थी। अचानक हुए इस हादसे के बाद मृतक अजीत के बड़े भाई भंवर सिंह व माता कोशल्या देवी तथा मृतक की पत्नी कृष्णा ने बड़े संघर्षों के बाद बेटियों को विद्यालय तक भेजकर पढ़ाई शुरू कराई है। मृतक अजीत एक निजी कंपनी में कार्यरत था तथा परिवार की हर जरूरतों को पूरा करता था।
न बरतें लापरवाही
वाहन चलाते समय किसी भी प्रकार की थोड़ी सी लापरवाही जीवनभर परिवारों को दर्द देती है। लाख प्रयासों के बाद इन हादसों को उबरने में बड़ा समय लगता है। बेटा जिस दिन सुबह घर ससुराल गया था उसे हेलमेट लेकर भेजा था लेकिन आगे से आ रहे बाइक सवार की लापरवाही ने तीन बेटियों के सिर से पिता का साया छीन लिया। वाहन चलते समय कभी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
-कौशल्या देवी।
तीन वर्ष करना पड़ा है बेटियों के लिए संघर्ष
हादसे में अजीत के जाने के बाद सास कौशल्या व उनके बड़े भाई ने पूरी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने परिवार व खुद को संभाला तथा बेटियों को स्कूल भेजा। अब बड़ी बेटी मुस्कान सातवीं, खुशी पांचवीं तथा छोटी बेटी देविका पहली कक्षा में पढ़ रही है। शायद हादसे के दौरान सामने से आने वाले बाइक सवार लापरवाही न करते तो आज अजीत परिवार के साथ होता।
-कृष्णा देवी।
जिम्मेदारी संभालने के लिए करना पड़ा है संघर्ष
अजीत के जाने के बाद उसकी पत्नी सहित तीन बेटियों, व अपने दो बच्चों के साथ-साथ परिवार की अचानक मिली जिम्मेदारी को निभाने के लिए बड़ा संघर्ष करना पड़ा है। हादसों में जाने वाले चले जाते हैं लेकिन उनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता। खेती बाड़ी कर पांच बच्चों व मां सहित नौ सदस्यों के परिवार को पूरी जिम्मेदारी के साथ संभालने का प्रयास किया है।
-भंवर सिंह।
-यातायात नियमों का पालन कर रोके जा सकते हैं 80 प्रतिशत हादसे
वाहन चलाते समय यातायात नियमों की पूरी ईमानदारी से पालन किया जाए तो सड़क हादसों में 80 प्रतिशत तक की कई लाई जा सकती है। इसके लिए यातायात पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर वाहन चालकों को जागरूक किया जाता है। यातायात नियमों का पालन करके ही सुरक्षित यात्रा की जा सकती है। थोड़ी सी लापरवाही के कारण भी बड़े हादसे हो जाते हैं। सावधानियां बरतने से सुरक्षित यात्रा संभव है।
-जगवंत सिंह श्योराण, यातायात प्रभारी, महेंद्रगढ़।