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जिले में डेंगू के तीन मामले आए

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डेंगू ने जिले में पांव पसारने शुरू कर दिए है। जिले में डेंगू के तीन केस सामने आए है। विभाग इस बीमारी के लक्षण दिखने वाले मरीजों के सैंपल लेकर उनके एलाइजा टेस्ट करवा रही है। ऐसे में डेंगू के मरीजों की संख्या आने वाले दिनों बढ़ सकती है।
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एक साथ तीन डेंगू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग की मलेरिया टीमें डेंगू संभावित स्थानों पर पहुंचकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ डेंगू के लारवा का पता लगाने में जुट गई है। सभी निजी अस्पतालों को डेंगू लक्षण वाले मरीजों के एलाइजा टेस्ट करवाने के निर्देश दिए हैं ताकि डेंगू के फैलाव को रोका जा सके। वहीं ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में फोगिंग करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर परिषद, पालिका व बीडीपीओ को निर्देश जारी किए है।
बारिश के बाद मौसम में बदलाव से डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीज निजी व सरकारी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें ऐसे कई मरीजों में डेंगू बीमारी के लक्षण मिल रहे है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू व मलेरिया की टीमों को डेंगू संभावित क्षेत्रों में जांच के लिए निर्देश दिए है।
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अक्तूबर तक रहता है डेंगू का प्रकोप
चिकित्सकों अनुसार डेंगू का फैलाव अक्तूबर तक ही रहता है। नवंबर में ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू खत्म हो जाता है। बारिश के बाद मौसम मेें बदलाव आ गया है। अब रात के समय ठंड बढ़ गई है जबकि दिन में गर्मी होती है। इससे वायरल, खांसी व जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस मौसम में बच्चों की विशेष देखभाल करने की जरूरत रहती है।
साफ पानी पनपता है डेंगू का मच्छर
डेंगू का मच्छर हमेेेशा ठहरे हुए साफ पानी में फैलता है इसलिए अपने आसपास, घर की छत पर विशेष रूप से इस मौसम में पानी को एकत्रित नहीं होने देना चाहिए। इसके अलावा अपने कूलर, पानी की टंकी की भी नियमित सफाई करनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर समय समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता है।
डेंगू के लक्षण
मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना, ठंड के साथ तेज बुखार आना, कमजोरी, भूख न लगना, चेहरे, गर्दन व छाती पर लाल गुलाबी रंग के निशान दिखना, नाक और मसूढ़ों से खून आना डेंगू के लक्षण हैं। प्लेटलेट्स कम होने का मतलब डेंगू बुखार होना नहीं है। वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं।
- बचाव के उपाय
-वायरल, खांसी व जुकाम से पीड़ित मरीज के संपर्क में न आएं।
-मरीज को खांसते और झींकते समय मुंह-नाक पर कपड़े का प्रयोग करना चाहिए।
-बीमार पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लिए बिना किसी दवाई का सेवन करने से बचें।
- मरीज को ज्यादा से ज्यादा आराम करने दे।
-बच्चों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दे।
- वर्जन
जिले में तीन लोगों में डेेंगू की पुष्टि हुई है। मलेरिया की टीमों को सतर्क कर दिया गया है। इसके अलावा सभी निजी अस्पतालों को भी निर्देश दिए हैं कि इस बीमारी के लक्षण वाले मरीजों का एलाइजा टेस्ट करवाए। नागरिक अस्पताल में भी डेंगू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे है। डेंगू से निपटने के लिए विभाग पूरी तैयार है।
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- डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन, नारनौल।
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