कोरोना संक्रमण के दौरान आईं समस्याएं अब दोबारा न आएं इसके लिए सरकार पहले से ही तैयारी में जुट गई है। संसाधनों के अभाव में किसी को जान न गंवानी पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने सबसे पहले अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करवाए। अब 50 बेड का कोविड अस्पताल खोलने की योजना तैयार की है।
केंद्र सरकार की योजना के अनुसार हरियाणा के 11 जिलों में 50 बेड के कोविड अस्पताल खोले जाने हैं। इनमें महेंद्रगढ़ जिला भी शामिल है। कोविड अस्पताल नागरिक अस्पताल परिसर में ही बनाया जाना है। इसके लिए 2 हजार वर्ग गज मीटर जगह उपलब्ध होने की सरकार ने जिला स्वास्थ्य विभाग से फिजिबिलटी रिपोर्ट मांगी है। जिला स्वास्थ्य विभाग के पास नागरिक अस्पताल में एकमुश्त 2 हजार वर्ग गज जमीन तो उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी ट्रामा सेंटर के बराबर या टीबी अस्पताल में निर्माण के प्रस्ताव की रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेजी है। जिसे अब सरकार की हरी झंडी का इंतजार है।
बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संसाधनों का काफी अभाव देखने के लिए मिला था। जिसमें ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने की वजह से कई लोगों की सांसें थम गई थीं। दूसरी लहर के दौरान तो मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में जगह कम पड़ गई थी। इसलिए अब आशंकित तीसरी लहर को देखते हुए सरकार अपने संसाधनों में इजाफा कर रही है। सरकार द्वारा सभी जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांटों की स्थापना करवाई गई है। इसके साथ-साथ कोरोना जांच की लैब भी बनाई गई। वहीं अब 50 बेड का कोविड अस्पताल नागरिक अस्पताल परिसर में बनाने की योजना तैयार की गई है। प्रदेश में महेंद्रगढ़ के अलावा रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, भिवानी, हिसार, कैथल, सोनीपत, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में ऐसे अस्पताल बनाए जा रहे हैं
दूसरी लहर में बन गया था बेड और ऑक्सीजन का संकट
कोरोना संक्रमण के चलते जिले में 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक मौत दूसरी लहर के दौरान हुई। इस दौरान पॉजिटिव मरीजों की संख्या इस केंद्र बढ़ी की जिले के सरकारी में ही नहीं निजी अस्पतालों में मरीजों को जगह ही मिली थी। कहीं ऑक्सीजन तो कहीं अन्य संसाधनों की कमी देेखने को मिली थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने पटीकरा के आयुर्वेद अस्पताल एवं कॉलेज में अस्थायी तौर पर कोविड अस्पताल बनाया था। नागरिक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड को भी कोविड में तब्दील कर दिया गया था। इसके बाद भी मरीजों को अस्पतालों में स्थान नहीं मिल पाया था। ऐसे में सरकारी ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अब नया कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी कर रही हैं।
सरकार द्वारा कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर 50 बेड के अस्पताल का निर्माण किया जाना है। यह अस्पताल नागरिक अस्पताल परिसर में बनाया जाना है जबकि सरकार ने इसके लिए दो हजार वर्ग जमीन की शर्त रखी गई है। मगर नागरिक अस्पताल व टीबी अस्पताल में इतनी जमीन नहीं है। मगर 1300-1400 वर्ग जमीन एकमुश्त उपलब्ध है। जिनकी फिजिबिल रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। -डॉ. अशोक कुमार, सिविल सर्जन नारनौल।