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Mahendragarh-Narnaul News: 84 लाख में जिला पुस्तकालय का होना था कायापलट, अब बंद कमरे में रखा सामान

Sun, 14 Jan 2024 01:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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पुस्तकालय के मीटिंग हॉल में रखीं कुर्सियां। संवाद
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नारनौल। नारनौल की जिला पुस्तकालय में एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सामान बंद कमरे में रखा हुआ है। जिन पर धूल-मिट्टी जमा हो रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ठेकेदार को एक साल से अधिक समय होने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। करीब दो साल पहले अंबाला व नारनौल में 84-84 लाख रुपये की लागत से जिला पुस्तकालयों की कायापलट के लिए बजट जारी किया गया था। जिसके बाद टेंडर छोड़ दिया गया और नारनौल की जिला पुस्तकालय में दिशा निर्देशानुसार सामान भी उक्त फर्म ने रखवा दिया, लेकिन इसके बाद उक्त फर्म को रुपये जारी नहीं किए गए है। इसकी वजह से सामान अभी भी बंद कमरे में रखा हुआ है। हालांकि कुछ सामान बिना भुगतान के ही उपयोग में भी लिया जा रहा है। वहीं कुछ सामान पर एक साल से धूल-मिट्टी जमा हो रही है।
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फर्श पर डालने वाली मैट एक साल से कोने में खड़ी
जिला पुस्तकालय की कायापलट के लिए सभी जरूरी सामान उपलब्ध करवा दिया गया था, लेकिन बजट जारी नहीं होने से अभी भी फर्श पर डालने वाली मैट एक साल से कोने में खड़ी है। क्योंकि अब तक उक्त फर्म को टेंडर के रुपये नहीं दिए गए है। ऐसे में बजट के अभाव में सामान पुस्तकालय में रखा खराब हो रहा है।

जिला पुस्तकालय में चौकीदार व स्वीपर का भी बना अभाव

जिला पुस्तकालय में चौकीदार नहीं होने की वजह से सामान चोरी होने का डर रहता है। पुस्तकालय में काफी समय से चौकीदार का पद खाली पड़ा है। वहीं स्वीपर का भी पद रिक्त पड़ा हुआ है। हालांकि एक अस्थाई तौर पर एक स्वीपर लगाया गहा है, लेकिन वह सुबह-सुबह सफाई कर चली जाती है।
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शौचालय को सीवर से नहीं किया गया कनेक्शन
जिला पुस्तकालय में दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। लेकिन इसके बाद भी शौचालय को सीवर से कनेक्शन नहीं किया गया है, जिसकी वजह से शौचालय की हौंदी ओवरफ्लो होकर पुस्तकालय के प्रांगण में जमा हो जाता है। वहीं बारिश के सीजन में तो यह सारे प्रांगण में फैल जाता है।
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वर्जन:

अभी एक-दो दिन पहले ही करीब 67 लाख रुपये का बजट आया है। अब पुस्तकालय के बचे हुए कार्य भी जल्द ही पूरे कर दिए जाएंगे।
-ज्ञानचंद राणा प्राचार्य व इंचार्ज जिला पुस्तकालय नारनौल।
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