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50 सालों से रेलवे लाइन की मांग नहीं हुई पूरी

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महेंद्रगढ़ रेलवे लाइन। - फोटो : Narnol
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सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने मानसून सत्र में अलवर से वाया नारनौल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी के साथ-साथ नई रेलवे लाइन की मांग उठाई। इसके अलावा उन्होंने भिवानी-लोहारू रेलवे लाइन का मुद्दा भी उठाया।
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महेंद्रगढ़-भिवानी लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने मानसून सत्र में कहा कि मोदी सरकार के समय में कनेक्टिविटी के नाम पर सड़क और रेलवे का तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र की दो रेलवेे लाइन की मांग 50 वर्षों से चल आ रही है। एक लोहारू से भिवानी रेलवे लाइन जो राजस्थान को जाती है और दूसरी अलवर से नारनौल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी रेलवे लाइन। इन दोनों रेलवे लाइनों का कई बार सर्वे हुआ जिनमें कभी तो फिजिबल तो कभी नॉन फिजिबल दिखाया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 2017 में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन बनाया था जिसमें प्रदेश सरकार रेलवे प्रोजेक्ट के लिए 50 और 49 प्रतिशत शेयर देगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बोंबे दिल्ली कोरिडोर बनवाया है वहां अलवर से लेकर पांच राज्यों को जोड़ने वाला ग्रीन कोरिडोर एक वर्ष के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा। यह कोरिडोर अलवर से कोटपुतली, नारनौल, महेंद्रगढ़ होकर पंजाब को जाता है। इस ग्रीन कोरिडोर के दोनों ओर काफी जमीन फालतू पड़ी है। इस कोरिडोर के साथ अलवर से चरखी दादरी तक नई रेलवे लाइन बनाई जाए। उन्होंने रेल राज्य मंत्री दानवे राव साहेब से नकारात्मक जवाब दिए जाने की बजाय सकारात्मक आश्वासन दिए जाने की मांग की है। इस मौके पर रेलराज्य मंत्री ने प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि लोहारू-भिवानी 519 करोड़ प्रोजेक्ट है और उसमें रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने अनफेबल बताया है। उनके इसके जवाब के बाद सांसद ने यह भी कहा कि अगर प्रदेश सरकार दोनों रेलवे लाइनों के लिए 51-51 प्रतिशत शेयर दें तो केंद्र सरकार प्रोजेक्ट पर काम शुरू करेगी। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री राव साहेब ने कहा कि यह प्रश्न का भाग नहीं है इस संबंध में वो सांसद से अलग मिलकर इसकी जानकारी देंगे।
अलवर चरखी दादरी रेलवे लाइन की घोषणा 2011 में तत्कालीन रेलमंत्री ममता बनर्जी करने की घोषणा की थी। अमर उजाला यह समाचार लगातार उठाता रहा है। कुछ दिन पहले सांसद धर्मबीर ने मुख्यमंत्री एवं रेलमंत्री को पत्र भी लिखा था। इसके अलावा पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने भी उक्त दोनों ही नेताओं का पत्र लिखा था अगर यह रेलवे लाइन बन जाती है तो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मुंबई एक साथ जुड़ जाएंगे। इसके अलावा यह सबसे अधिक शार्ट कट रास्ता होगा।
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अलवर से चरखी दादरी रेलवे लाइन के लिए प्रदेश सरकार को 51 प्रतिशत शेयर केंद्र सरकार को देना होगा। अगर राज्य सरकार अपना हिस्से का पैसा जमा करवा देगी तो बात बन जाएगी। इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए क्षेत्र के विधायक एवं पूर्व मंत्री को लामबंद होना पड़ेगा। इसके लिए पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश एडीओ, नांगल चौधरी के विधायक अभय सिंह, अटेली के विधायक सीताराम यादव, महेंद्रगढ़ विधायक राव दान सिंह, बाढ़डा विधायक नैना चोटाला तथा चरखी दादरी के निर्दलीय विधायक सोमवीर सांगवान को एकजुट होकर मुख्यमंत्री पर दबाव बनाना होगा।
मैंने आज अलवर चरखी दादरी रेलवे लाइन वाया नारनौल, महेंद्रगढ़ की मांग उठाई थी। मैंने केंद्रीय मंत्री से कहा कि अगर राज्य सरकार 51 प्रतिशत हिस्सा जमा करवा देती है तो। उस पर मंत्री ने जबाव दिया कि वो इस पर बैठकर बात करेंगे। अब वो केंद्रीय मंत्री से इस प्रोजेक्ट के लिए समय लेंगे और बैठक कर इस प्रोजेक्ट पर चर्चा करेंगे। -चौधरी धर्मबीर सिंह, सांसद।
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