एक सप्ताह से मौसम में हो रहे बदलाव के चलते किसानों की चिंता बढ़ रही है। इस समय बाजरे की फसल पक कर तैयार है। कई किसानों ने बाजरे की लावनी भी शुरू कर दी है। वहीं बारिश की वजह से किसानों की कपास और बाजरे की फसल में कीड़े लगने शुरू हो गए हैं अगर इसी तरह से बारिश आती रही तो किसानों की फसल खराब होने से मोटा नुकसान हो सकता है।
किसान कृष्ण सिंह, नारायण सिंह और मांगेराम व हरिसिंह ने बताया कि अधिक बारिश होने के कारण फसलों में हूपर व सफेद मक्खी की संख्या बढ़ रही है। बाजरे व कपास की फसल में कीटों का प्रकोप शुरू हो गया है। आगे दो-तीन दिन मौसम खराब रहा तो फसलों में भी नुकसान की संभावना है।
कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि बारिश की संभावना को देखते हुए किसान कपास, मूंग, ग्वार की फसलों व सब्जियों में सिंचाई व रसायन छिड़काव कर अस्थायी रूप से रोकें। फसलों में कीटों व रोगों के प्रकोप की निगरानी नियमित रूप से करें। कपास की फसल में चुनाई रुई सूखने के बाद करें तथा बाजरे की कटाई करते समय बदलते मौसम को ध्यान में रखे।
मंगलवार दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से उमस बढ़ गई जिससे लोग परेशान हो गए। एसी और कूलर के सामने भी लोगों के पसीने नहीं सूख रहे थे। मौसम विभाग द्वारा भी 12 सितंबर तक परिवर्तनशील मौसम रहने की संभावना जताई जा रही है। अधिकतम तापमान 35 तक पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा।
केवी के महेंद्रगढ़ के कृषि मौसम विशेषज्ञ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि 8 से 12 सितंबर के बीच मौसम परिवर्तनशील तथा आंशिक बादलवाई की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में कुछ स्थानों पर गरज-चमक, हल्की हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।