समीक्षात्मक बैठक में जानकारी देते जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा।
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नारनौल। विश्व ओजोन दिवस पर वीरवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की एक बैठक हुई। इसमें जिले के सभी खंड संसाधन संयोजकों को जल जीवन मिशन की मुहिम के तहत ही पर्यावरण संरक्षण के लिए जल संरक्षण के बारे में जानकारी दी। साथ ही जिले में चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा भी की गई।
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस साल भी 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया गया है। जीवन के लिए जिस तरह से जल की जरूरत और ऑक्सीजन जरूरी है उससे कहीं अधिक जरूरी ओजोन भी है। इस दिवस को मनाने की यही वजह है कि ओजोन लेयर के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके।
हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए जल संरक्षण, पौधा रोपण, साफ-सफाई रखना जरूरी है। साथ ही प्रदूषण को कम करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिले में गांव-गांव जाकर सक्षम युवाओं द्वारा पीने के पानी की शुद्धता की जांच के लिए जीवाणु परीक्षण किया जा रहा है। अभी तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 787 नमूने जांचे जा चुके हैं। इनमें से 9 नमूने फेल हुए हैं। इनकी री-सेंपलिंग करवाई जा रही है और दूषित पानी की वजह को भी दुरुस्त करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों, ग्रास रूट वर्कर व नलकूप चालकों को भी पीने के पानी के प्रति जागरूक करने, जांच करने आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि जिले में जल की बर्बादी को रोककर भूमिगत जल का भी सुधार किया जा सके। इस मौके पर बीआरसी विक्रम सिंह, इंद्रजीत, अनीता, अंकुर व अजीज मौजूद रहे।