बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एमपीएचडब्ल्यू) गांव बेरी निवासी अजय हत्याकांड में परिजनों को एक महीने बाद भी न्याय नहीं मिलने पर सोमवार को भीम सेना के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल तंवर ने किया। इस मौके पर भीम सेना के कार्यकर्ता एवं परिजनों ने लगभग ढाई घंटे स्टेट हाईवे को जाम रखा। सभी लोग लघु सचिवालय के स्टेट हाईवे पर बैठकर आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की मांग करने लगे। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को खरी खोटी सुनाई।
एसडीएम दिनेश कुमार ने उनको समझाने का प्रयास किया लेकिन वो मौके पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक बुलाने पर अड़े रहे रहे। बाद में एएसपी सिद्धार्थ जैन के आश्वासन पर जाम खोला गया। इस दौरान उन्होंने सीटीएम अमित कुमार को एक ज्ञापन भी सौंपा। इससे पहले उन्होंने आंबेडकर भवन में मीटिंग की। उसके बाद शहर के मुख्य बाजारों से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे जहां पर उन्होंने स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। वहीं पुलिस ने वाहनों को डायवर्ट कर दिया था जिससे लोगों को दिक्कत नहीं आई। कुछ देर के लिए ही जाम लग पाया था। आश्वासन के बाद एएसपी सिद्धार्थ जैन स्वयं पुलिस मौके के लिए निकल गए थे। इस मौके पर डीएसपी कनीना राजीव कुमार और डीएपी हैड क्वार्टर नरेश सांगवान भी मौजूद रहे।
प्रशासन के सामने रखी थी चार मांगें
1. राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल तंवर ने कहा कि उपरोक्त केस में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 लगाई हुई है जोकि गैर जमानती है। इसमें एससी/एसटी एक्ट लगाया गया है जिसके 2018 संशोधन में धारा 18ए के तहत तत्काल बिना जांच गिरफ्तारी करना अनिवार्य है। इस लिए कानून तत्काल आरोपी और उसके साथियों को गिरफ्तार करे।
2. मृतक अजय की पत्नी के अलावा दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। उसके लिए 50 लाख रुपये की सरकारी सहायता राशि उपलब्ध करवाई जाए।
3. अजय हत्या कांड में पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद है। अजय हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाई जाए।
4. मृतक अजय की पत्नी को उच्च स्तरीय सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाई जाए ताकि वह सम्मान के साथ अपने बच्चों सहित जीवन यापन कर सके।
न्याय नहीं मिला तो करूंगा आत्मदाह
मृतक अजय के पिता अमर सिंह ने कहा कि आरोपी ने मर्डर कर उसकी बाइक पर घास डालकर छिपाने का प्रयास किया था। उसकी बाइक स्वीच ऑफ मोड पर थी। मौके पर कपड़ों पर खून के धब्बे नहीं और न ही रोड पर खून के धब्बे मिले। ऐसे में सड़क हादसा नहीं हो सकता। उसका मर्डर हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन से दो बार मिल चुके हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका यहां तबादला होना चाहिए। अगर उसको न्याय नहीं मिला तो वो पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्म दाह कर लेंगे।
यह था मामला:
गांव बेरी निवासी अजय नांगल चौधरी सिविल अस्पताल में एमपीएचडब्ल्यू पद पर कार्यरत था। 10 अगस्त की रात को नांगल सिरोही से कोथल मुख्य मार्ग पर उसका शव पड़ा मिला था। पिता अमर सिंह ने आरोप लगाया था कि उसके बेटे अजय का हेमंत के परिचित के साथ एक बार ड्यूटी के दौरान झगड़ा हो गया था जिसके कारण हेमंत उसके बेटे के साथ रंजिश रखने लगा था । मौका पाते ही हेमंत ने उसके पुत्र की हत्या कर शव को नागल सिरोही से कोथल जाने वाले रोड पर डाल दिया ।
भीम सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतपाल तंवर ने बताया कि एएसपी सिद्धार्थ जैन मौक पर जा रहे हैं और उन्होंने सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री को सिफारिश की है। हमारे सात साथियों की टीम और पुलिस की टीम संयुक्त से रूप इस केस पर काम करेगी। पीड़ित परिवार के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। उनको भी न्याय दिलाया जाएगा। अगर न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेंगे। बाद में भीम सेना स्वयं न्याय दिलाएगी। इसके अलावा कटकई वाले मामले में भी परिजन एएसपी से मिलेंग।
कानून के दायरे में रहकर की जाएगी जांच
एएसपी सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले गांव बेरी निवासी अजय की मृत्यु हो गई थी। उनकी मौत कैसे हुई यह जांच का विषय है। मैं केवल इतना भरोसा दिला सकता हूं, पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी। कानून के दायरे में रहकर जांच की जाएगी। परिजनों की ओर से एक सात लोगों की टीम बनाई है। उनको जांच सभी पहलूओं के बारे में अवगत करवाया जाएगा।