नारनौल। जिले के शहरी क्षेत्रों व सार्वजनिक स्थानों में आवारा कुत्तों को पकड़ने, उनका पंजीकरण करने और संख्या नियंत्रित करने के लिए बधियाकरण का काम जारी है। जिला नगर आयुक्त रणवीर सिंह ने बताया कि अब तक जिले की विभिन्न नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के तहत कुल 1239 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है।
उन्होंने बताया कि नगर परिषद नारनौल में 18 जनवरी से अब तक सबसे ज्यादा 483 कुत्तों को पकड़ा गया है। इनमें से 396 का बधियाकरण किया जा चुका है जिसके लिए रघुनाथपुरा में केंद्र बनाया गया है।
नगर पालिका नांगल चौधरी में 7 जनवरी से अब तक 375 कुत्तों को पकड़ा गया है और इन सभी 375 कुत्तों का बधियाकरण का हो गया हैजिसके लिए ढाणी कुम्भा वाली में केंद्र बनाया गया है।
इसी प्रकार नगर पालिका कनीना में 3 फरवरी से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 280 कुत्ते पकड़े गए हैं जिनमें से 260 कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। कनीना में भी केंद्र स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।
नगर पालिका अटेली मंडी में 12 जनवरी से जारी इस मुहिम के तहत अब तक 101 कुत्ते पकड़े गए हैं और 95 कुत्तों की बधियाकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अटेली मंडी में पुराने नगर पालिका कार्यालय के समीप केंद्र बनाकर कार्य को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।
वहीं नगर परिषद महेंद्रगढ़ में भी इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। महेंद्रगढ़ में आगामी 23 फरवरी से व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है जिसके लिए वार्ड नंबर 8 स्थित कम्युनिटी सेंटर को केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।
जिला नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में सभी संबंधित नगर निकायों के विभिन्न वार्डों में कार्य निरंतर जारी है और इसे तब तक चलाया जाएगा जब तक कि लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। डीएमसी ने बताया कि अगर कोई इस अभियान में रुकावट डालेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
डीएमसी ने बताया कि नगर परिषद ने लगभग 1550 कुत्तों को पकड़ने, उनकी बधियाकरण और टीकाकरण के लिए टेंडर एक निजी एजेंसी को दिया है।
यहां दें एग्रेसिव या पागल की जानकारी
डीएमसी ने बताया कि अगर कहीं भी कुत्ता अधिक एग्रेसिव है या पागल हो चुका है तो वह एनिमल अटेंडेंट विकास के मोबाइल नंबर 8053677859 पर सूचना दें। उसे तुरंत प्रभाव से पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सबसे पहले उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां कुत्तों के काटने की शिकायतें अधिक हैं। साथ ही कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेष डॉग वैन का उपयोग किया जा रहा है।