हरियाणा में योजना के तहत स्वयं सहायता समूह महिलाओं को जल सखी नाम दिया जाएगा। 500 घरों पर एक महिला स्वयं सहायता समूह को यह काम सौंपा जाएगा। जितने भी बिल महिला भरवाएगी, उसकी 10 प्रतिशत राशि उस महिला को मानदेय के रूप में मिलेगी।
हरियाणा के गांवों में आज भी अधिकतर ग्रामीण पेयजल के बिल नहीं भर रहे हैं। ऐसे में अब पेयजल बिलों को भरवाने का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंपा जाएगा। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। स्वयं सहायता समूह चलाने वाली महिलाओं को इसके लिए बिल जमा कराने पर उसकी 10 प्रतिशत राशि दी जाएगी।
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महिलाओं को जल सखी नाम दिया जाएगा
यह जानकारी पिछले दिनों जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन, हरियाणा के जिला सलाहकारों की बैठक में उच्चाधिकारियों ने दी। हालांकि इसे लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल भी घोषणा कर चुके हैं। अगले कुछ दिनों में इसका औपचारिक पत्र भी जारी कर दिया जाएगा। योजना के तहत इन स्वयं सहायता समूह महिलाओं को जल सखी नाम दिया जाएगा। 500 घरों पर एक महिला स्वयं सहायता समूह को यह काम सौंपा जाएगा। जितने भी बिल महिला भरवाएगी, उसकी 10 प्रतिशत राशि उस महिला को मानदेय के रूप में मिलेगी। इससे जहां जन स्वास्थ्य विभाग के पानी के सालों से अटके बिल भर जाएंगे, वहीं स्वयं सहायता समूह को रोजगार भी मिल जाएगा।
लोगों को पानी के बिल भरने के लिए प्रेरित भी करेंगी
यह स्वयं सहायता समूह की सदस्य पेयजल भरवाने के लिए ग्रामीणों को घर-घर जागरूक भी करेंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पानी के बिल भर सके। पेयजल के बिल अब आनलाइन भी भरे जा सकते हैं।
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2021 में पूरे प्रदेश में जारी किए थे बिल, हुआ था हंगामा
वर्ष 2021 में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने पूरे प्रदेश में पानी के बिल ऑनलाइन ग्रामीण उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों पर भेज दिए थे। उस समय काफी हंगामा भी मचा था, क्योंकि जिन लोगों के घरों में पेयजल कनेक्शन नहीं थे या फिर वहां पाइप लाइन तक नहीं गुजर रही थी। उन लोगों को भी पानी के बिल भेज दिए गएथे। लोगों ने तब काफी प्रदर्शन किए थे। इस मामले में जींद में आयोजित बैठक में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विभाग के उच्चाधिकारियों को बिलों को ठीक करने के आदेश दिए थे।
अधिकारी के अनुसार
ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल बिल का जिम्मा स्वयं सहायता समूह की महिला सदस्यों को दिया जाएगा। इस बारे में पिछले दिनों बैठक में जानकारी दी गई है। इसका औपचारिक पत्र आना बाकी है। इस काम के लिए उन्हें बिल की 10 प्रतिशत राशि मानदेय के रूप में दी जाएगी। -मंगतुराम सरसवा, जिला सलाहकार, जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन।