फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

20 वर्षों में आठ हजार से 30 हजार पहुंची आबादी, नहीं बढ़ीं सुविधाएं

विज्ञापन
कनीना में निर्माणाधीन दमकल केंद्र। - फोटो : Narnol
विज्ञापन
कनीना। कस्बे की आबादी 20 वर्षों में आठ हजार से बढ़कर 30 हजार तक पहुंच चुकी है, लेकिन इस हिसाब से लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्वास्थ्य और परिवहन के क्षेत्र में लंबे समय से अधिक कार्य नहीं हो पाए हैं। हालांकि पिछले 20 वर्षों में नगरपालिका, उप नागरिक अस्पताल पार्कों का निर्माण व जोहड़ों का सुंदरीकरण हुआ है, लेकिन आबादी के हिसार से सुविधाएं नाकाफी हैं।
विज्ञापन

नगरपालिका कनीना का गठन सन 1955 में किया गया था और चौधरी बलबीर सिंह को पहला चेयरमैन बनाया गया। उस वक्त तकरीबन कस्बे की आबादी आठ हजार थी। यह आबादी धीरे-धीरे बढ़ती गई और वर्ष 2021 में आबादी 30 हजार को पार कर गई। नगरपालिका का नया भवन 2020 में बनकर तैयार हुआ। जिसका रिमोट के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उद्घाटन किया। वर्ष फरवरी 2019 में 50 बेड के अस्पताल की सौगात भी लोगों को मिली। अस्पताल का दर्जा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से बढ़ाकर उप नागरिक अस्पताल कर दिया गया।
नहीं मिली सीवरेज सुविधा
कनीना में वर्ष 2019 में सीवरेज लाइन दबाने का कार्य शुरू किया गया था जो आज तक भी पूरा नहीं हुआ है। अधिकांश आबादी को आज भी सीवरेज सुविधा का इंतजार है। बरसात के दिनों में कस्बे के अनेक स्थानों पर जलभराव रहता है।
विज्ञापन

ग्रामीण क्षेत्रों को नहीं मिल रही परिवहन सुविधा
आबादी बढ़ने के साथ-साथ कस्बे के अधिकांश गांवों में परिवहन सेवा भी उपलब्ध नहीं हो पाई। यहां से रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, दादरी, जयपुर जाने के लिए तो सुविधा है, लेकिन गांवों को जोड़ने के लिए पर्याप्त बसें नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कस्बे के अधिकांश गांवों में आज भी रोडवेज की सुविधा नहीं है।
खंड के 54 गांवों को मिलेगा दमकल केंद्र का लाभ
कस्बे के गांव चेलावास में करीब तीन करोड़ 77 लाख की लागत से बनने जा रहे दमकल केंद्र का 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। तीन माह में यह सुचारु रूप से शुरू कर दिया जाएगा। इसका शिलान्यास मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा 24 फरवरी 2019 को खुड़ाना में आयोजित हुई रैली के दौरान किया गया था। संबंधित कंपनी को निर्माण कार्य नवंबर 2021 के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हुए है। अभी तक कंपनी के द्वारा करीब 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर दिया गया है। कनीना खंड में 54 गांव हैं जिनमें आगजनी की घटना होने पर महेंद्रगढ़ व नारनौल फायर स्टेशन से गाड़ियों को भेजा जाता था। अब कनीना कस्बे के पास ही फायर ब्रिगेड स्टेशन बनने के बाद से क्षेत्र में होने वाली आगजनी की घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जाएगा। आगजनी के दौरान होने वाले नुकसान में भी कमी आएगी।
ये पार्क बढ़ाएगा कनीना की रौनक
कस्बे के संत शिरोमणि बाबा मोलड़नाथ मंदिर के पीछे बने ऐतिहासिक जोहड़ व पार्क का अब जीर्णोद्धार लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। सैकड़ों वर्षों से बारिश का पानी आने से जोहड़ लबालब रहता था, लेकिन पिछले कुछ समय से यह जोहड़ गंदगी के अंटा पड़ा था। अब इसे वर्षा जल के अलावा साफ पानी से भरा जाएगा और संत शिरोमणि बाबा मोलड़नाथ आश्रम नाम से जाना जाएगा।
उप नागरिक अस्पताल का दर्जा बढ़ा लेकिन सुविधा नहीं
करीब 25 वर्ष पहले यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। भवन की जर्जर हालत होने के बाद लोगों ने इसके नए भवन के मांग रखी। वर्ष 2019 में यह नया भवन बनकर तैयार हो गया। फरवरी 2019 में 50 बेड का उप नागरिक अस्पताल तैयार कर ओपीडी देखना शुरू कर दिया गया था। एसएमओ डॉ. धर्मेंद्र यादव ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट भी लगाया गया है जो जल्द ही शुरू हो जाएगा। एक सर्जिकल वार्ड भी शुरू कर दिया जाएगा जिसमें कुर्सी टेबल सहित अन्य सामान आ गए हैं लेकिन कुछ उपकरणों का अभी भी इंतजार है। एक्सरे मशीन सहित अन्य सुविधाओं का अभाव है।
वर्जन:
पिछले 20 वर्षों में कस्बे में अनेक विकास कार्य हुए हैं। नगर पालिका के माध्यम से कस्बे में अनेक कार्या कराए जा रहे हैं। विकास कार्यों के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं बनाई जा रही हैं। दमकल केंद्र, पार्क, सहित अन्य योजनाओं पर काम चल रहा है। उनका प्रयास है कि कस्बे को विकास के मामले में और अधिक समृद्ध बनाया जाएगा।
विज्ञापन

- सतीश जैलदार, प्रधान नगरपालिका
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें