महेंद्रगढ़। स्वच्छता सर्वेक्षण कभी भी शुरू हो सकता है। शहर में सफाई सिर्फ नाम मात्र की होती है। स्वच्छता सर्वेक्षण में महेंद्रगढ़ रैंकिंग में पिछड़ता नजर आ रहा है। क्योंकि 50 हजार की अधिक आबादी पर 20 पक्के कर्मचारी तथा 40 कच्चे कर्मचारी हैं। जबकि सफाई व्यवस्था बेहतर रखने के लिए करीब 90 कर्मचारी चाहिए।
करीब एक वर्ष पहले घर-घर कूड़ा उठाने का टेंडर खत्म हो गया है। नगर पालिका की ओर से पिछले साल अक्तूबर में पांच लाख रुपये ठेका छोड़ा गया था। ठेकेदार ने 11 ट्रैक्टर लगाए है। नगर पालिका की ओर से पांच टेंपो है व भी खराब खड़े है। ऐसे में सफाई व्यवस्था को बनाए रखाना चुनौती से कम नहीं है। महेंद्रगढ़ से प्रतिदिन 20 टन शहर से कूड़ा निकलता है। नगर पालिका अधिकारियों की मानें तो नगर पालिका की ओर से पूरे शहर में सफाई व्यवस्था बनाए हुए है।
नगर पालिका की ओर से एप भी बनाया गया है। इसमें प्रतिदिन 5 से 7 शिकायतें आती है। महीने में करीब 60 शिकायतें आती है। उनका निदान करवा दिया जाता है। एप पर कोई शिकायत पेंडिंग नहीं है। नगर पालिका सफाई कर्मचारियों को लगाने के लिए व घर-घर को लेकर एस्टीमेट बनाकर उच्च अधिकारियों के पास भेजा हुआ है। उच्च अधिकारियों से परमिशन मिलते ही टेंडर लगाकर कर्मचारियों की भर्ती की जाएगा। शहर के सिनेमा रोड, मोहल्ला महायचान, मोहल्ला खटीकान, नागरिक अस्पताल, चिंकारा कैंटिन के पास गंदगी के ढेर लगे हुए है।
वर्जन...
सर्वेक्षण की तैयारी के लिए योजना बनाई गई है। रैंक टॉप करने के लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। नगर पालिका को जहां-जहां रैंक मिलता है तो वहां पर कार्य किया जाएगा।- रमेश सैनी, प्रधान, नगर पालिका