नारनौल। करीब सवा लाख की आबादी वाले शहर की सफाई के लिए 205 कर्मचारी हैं। 30 वार्डों में देखा जाए तो ये कर्मचारी कम ही पड़ते हैं।205 कर्मचारियों में कुछ की ड्यूटी तो अधिकारियों के यहां भी लगा दी जाती है। इससे शहर की अपेक्षाकृत सफाई नहीं हो पाती है।
नगर परिषद में आठ दरोगा हैं। प्रत्येक दरोगा के पास सफाई के चार से पांच वार्ड हैं। सफाई दरोगा की मानें तो शहर में पूरी तरह सफाई के लिए उन्हें कम-कम से सौ सफाई कर्मचारियों की और आवश्यकता है। शहर में सफाई कर्मचारियों की कमी के कारण कई वार्ड तो ऐसे हैं जिनमें सफाई के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के बाद भी वहां केवल दो ही कर्मचारी पहुंचते हैं।
इसके अलावा कई मोहल्लों में तो दो-दो दिन तक झाडू लगाने वाले भी नहीं पहुंचते। इसके कारण सड़कों पर कूड़ा फैला रहता है। नप की सदन बैठक में पार्षद कई बार सफाई कर्मचारियों के नहीं आने की भी शिकायत रख चुके हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा जल्द ही व्यवस्था को सुधार करने का केवल आश्वासन ही दिया जाता है।
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नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था को ठीक रखने के लिए घर-घर कूड़ा उठान का ठेका भी छोड़ा है। जिस कंपनी को ठेका दिया है उसके पास करीब 60 कर्मचारी हैं। वहीं ठेकेदार के पास 32 टेंपों व पांच लिफ्टिंग मशीनें हैं।
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शहर में सफाई के लिए नप के 20 पक्के कर्मचारी, 172 पैरोल पर लगे कर्मचारी, 11 एचकेआरएन के कर्मचारी व चार कर्मचारी गांव के आउट सोर्सिंग पर लगे हैं। इसके अलावा घर-घर कूड़ा उठान करने वाले कंपनी के 60 कर्मचारी अलग हैं।
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एप पर डालने से बहुत कम होता है समस्या का निवारण
लोगों का कहना है कि मोहल्ले में फैली गंदगी की शिकायत यदि एप के माध्यम से की जाती है तो उन पर गौर नहीं किया जाता। लोगों का कहना है कि अब तो सफाई करवाने के लिए अधिकारियों के पास ही जाना पड़ता है। इसके बाद भी समय पर समस्या का समाधान नहीं हो पाता।
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50 टन होता है रोजाना कूड़े का उठान-
शहर में रोजाना करीब 50 टन कूड़े का उठान किया जाता है। कूड़ा उठान के कार्य में नप के कर्मचारी सहित जिस कंपनी को उठान का कार्य दिया गया है, उसके भी कर्मचारी लगे रहते हैं, लेकिन ज्यादातर कूड़ा उठान का कार्य नप के कर्मचारी ही करते हैं। कंपनी घर-घर कूड़ा एकत्रित करती है।
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शहर की सफाई व्यवस्था फिलहाल ठीक चल रही है। सफाई के लिए जितने कर्मचारी चाहिए वह पर्याप्त है। शहर की सफाई व्यवस्था व कूड़ा उठान कार्य और भी बेहतर हो सके, इसे लेकर अब नए साधन खरीदने की भी योजना बनाई जा रही है। सफाई से संबंधित कोई भी शिकायत आती है तो उसका समाधान किया जाता है।-प्रवीण कुमार। जेई नगर परिषद, नारनौल।