हरियाणा सरकार बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत विभिन्न योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का सकारात्मक परिणाम भी अब दिखने लगा है। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा सुपरवाइजर यह सुनिश्चित करें कि जिले में कुपोषित तथा अति कुपोषित बच्चों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क में रहें। यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने मंगलवार को लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में जिले की सभी सीडीपीओ तथा सुपरवाइजर की बैठक में दिए।
इस बैठक में पोषण अभियान, आधार इनरोलमेंट, पोषण ट्रैकर तथा प्ले स्कूल के बारे में समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सुपरवाइजर कुपोषित बच्चों के घरों का लगातार दौरा करें। साथ ही सीडीपीओ भी उनके संपर्क में रहें। ऐसे बच्चे के अभिभावकों को पूरा डाइट प्लान समझाया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार जिले में 3 से 5 साल तक के बच्चों के लिए 142 प्ले स्कूल को चिह्नित किया गया है। इन सभी प्ले स्कूलों में अगर किसी तरह की ढांचागत सुविधा की जरूरत है तो अधिकारी इसकी रिपोर्ट तैयार करवा कर एडीसी कार्यालय को सौंपे। बैठक में सीएमजीजीए कृतीश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव, जिला समन्वयक अनूप सिंह तथा सभी सीडीपीओ तथा सुपरवाइजर मौजूद रहीं।
बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन का सही चार्ट
जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग जिले के कुपोषित बच्चों की लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने सभी बच्चों के अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को संपूर्ण पोषण आहार खिलाएं। 6 माह तक के शिशु को पहले 6 माह तक केवल मां का दूध ही पिलाएं। मां के दूध के अलावा कुछ भी नहीं देना चाहिए। इस दौरान कुछ माताएं घुट्टी, शहद और पानी आदि पिलाती हैं, यह गलत है। इस उम्र तक बच्चों को मां के दूध के अलावा कुछ भी नहीं पिलाना चाहिए। इसी प्रकार 6 से 12 माह तक मां के दूध के साथ ऊपरी खाना जैसे खिचड़ी, दाल का पानी, सब्जियां व फल, एक चम्मच घी, तेल, मक्खन के साथ मसल कर दें। भोजन कप में चम्मच के साथ दें। डिब्बा बंद पर आहार बिल्कुल न दें। 12 से 24 माह तक स्तनपान के साथ घर में बना हुआ खाना 5 से 6 बार दें। दूध, छाछ, घी, मक्खन व गुड़ दें। 24 से 36 माह तक के बच्चों को अलग थाली में घर में बनने वाला सभी खाना 5 से 6 बार दें। परिवार के साथ खाने की आदत डालें। अंकुरित मूंग, चने, मूंगफली, गुड़ व केले अवश्य दें। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को परिवार के साथ पूरा खाना खिलाएं। आहार में दालें, सब्जियां, रोटी, ताजे फल, दूध, दही, लस्सी, भुने चने मक्खन घी आदि शामिल करें। बच्चा जैसे-जैसे बड़ा हों भोजन की मात्रा बढ़ाएं। अधिक मात्रा में तला हुआ हुआ बाजार का खाना न दें। कोल्ड ड्रिंक और चिप्स आदि न दें।