चिह्नित अपराधों को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त अजय कुमार। संवाद
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प्रत्येक चिह्नित अपराध की पूरी गहनता से जांच की जाए। जांच के दौरान हर कानूनी पहलू को बारीकी से देखा जाए। यह निर्देश उपायुक्त अजय कुमार ने मंगलवार को चिह्नित अपराध को लेकर लघु सचिवालय में हुई अधिकारियों की बैठक में दिए। बैठक में इन मामलों से संबंधित बचाव साक्ष्य और तकनीकी कानूनी पहलुओं के बारे में विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि चिह्नित अपराध में कोर्ट में जाने से पहले अच्छी तरह जांच कर मामलों की रिपोर्ट बनाकर उस संबंध में की गई कार्यवाही के बारे में उन्हें अवगत करवाया जाए। उन्होंने जिला न्यायवादी को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों की पूरी मजबूती के साथ कोर्ट में पैरवी की जाए। किसी भी केस में साक्ष्यों का अभाव और कमजोर पैरवी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के मामलों में साक्ष्यों के बचाव और उनकी सुरक्षा तथा कानूनी पहलुओं द्वारा मजबूत पैरवी संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना एवं तकनीक के इस दौर में हर आदमी के पास सभी प्रकार के संसाधन मौजूद हैं। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में पुलिस विभाग का कार्य भी उतना ही मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हम सभी को पूरी तरह से अपडेट रहना है। बैठक में पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, जेल पुलिस अधीक्षक डॉ संजय सिंह तथा जिला न्यायवादी रमणीक यादव मौजूद रहे।