खुडाना में आईएमटी की घोषणा के बाद लोगों में विकास की उम्मीद जगी थी लेकिन हकीकत ये है कि दो साल में भी आईएमटी को अप्रूवल नहीं मिल पाई। आईएमटी केवल घोषणा बनकर ही रह गई। इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई जबकि क्षेत्र में ऐसा कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं है जहां पर यहां दो हजार बेरोजगार एक साथ काम कर सकें। जिला प्रशासन से लेकर चंडीगढ़ तक के अधिकारियों ने आईएमटी के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है
बता दें कि 27 जुलाई 2014 को तत्कालीन सीपीएस और महेंद्रगढ़ के विधायक राव दान सिंह द्वारा आयोजित संकल्प रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खुडाना गांव के आईएमटी खोलने की घोषणा की थी। यह रैली प्रदेश के विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले आयोजित की गई थी। इस रैली में लोगों से वोट बटोरने के चक्कर में चुनावी घोषणाएं की गई। एक भी घोषणा पूरी नहीं हो पाई। इसमें से आईएमटी भी एक है।
खुडानावासियों को लगा झटका
राजेश, गोविंद, विक्की, रमेश, सोमपाल आदि ने बताया कि आईएमटी की घोषणा होने पर लोगों में एक खुशी की लहर दौड़ी थी लेकिन अप्रूवल नहीं होने पर लोगों में मायूसी हाथ लगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर आईएमटी स्थापित हो जाती तो क्षेत्र की सूरत बदल जाती। हजारों बेरोजगार लोगों को रोजगार उपलब्ध हो जाता और नौजवानों को नौकरी भी मिल जाती। उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने उम्मीद छोड़ी नहीं है। अब भाजपा सरकार पर उनकी उम्मीदें टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को सीएम मनोहर लाल खट्टर महेंद्रगढ़ प्रस्तावित रैली में फिर इसकी सौगात दे सकते हैं।
किसी भी अधिकारी के पास नहीं है जवाब
आईएमटी के बारे में जिले के किसी भी अधिकारी के पास जवाब नहीं है। न तो जिला उपायुक्त के पास न ही एडीसी के पास इसका जवाब मिला। इसके अलावा एचएसआईडीसी बावल से भी आईएमटी के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। लेकिन इसके बाद चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों और जिले के संबंधित सूत्रों से पता चला कि आईएमटी की अप्रूवल नहीं हो पाई है। अगर आईएमटी की अप्रवूल होती तो अभी तक जमीन से संबंधित कार्रवाई शुरू हो जाती। विभाग के पास सीएम घोषणा की कोई फाइल पेंडिंग नहीं है।