नगर पालिका में कर्मचारियों की कमी
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शहर की नगरपालिका मात्र तीन कर्मचारियों के सहारे चल रही है। पिछले दो दिन से नगरपालिका में न तो सचिव है और न ही एमई। जेई फील्ड में निकल जाते हैं। कर्मचारियों के न होने का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोग यहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, एनओसी आदि काम के लिए आते हैं लेकिन अधिकारियों की खाली कुर्सी देखकर वापस चले जाते हैं।
बता दें कि अमर उजाला टीम ने दो दिन नगरपालिका का दौरा किया था। दोनों ही दिन दोपहर बाद दौरा किया। सोमवार को केवल एक क्लर्क उपस्थित थे। सचिव, जेई, एमई की कुर्सियां खाली पड़ी थी। लोग अपने काम को लेकर आए और निराश होकर वापस लौट गए। इसी प्रकार मंगलवार को को भी टीम वहां पहुंची। इस दौरान दो क्लर्क व जेई वहां उपस्थित थे। लेकिन न तो सचिव थे और न ही एमई। बताया जाता है कि सचिव पिछले दो दिन से चंडीगढ़ सरकारी काम से गए हुए हैं जबकि एमई कनीना कार्यालय गए हुए हैं। लोग तीन-तीन बार चक्कर काट रहे हैं। एक महिला कर्मचारी पिछले 10 दिनों से छह महीनों की छुट्टी पर गई हुई हैं। जबकि एक कर्मचारी मंगलवार को डीसी आफिस गया हुआ था।
तीनों अधिकारियों के पास दो जगह का चार्ज
बता दें कि नगरपालिका सचिव, एमई और जेई दो-दो व तीन-तीन जगहों का चार्ज मिला हुआ है। नगरपालिका सचिव राजाराम के पास महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी का चार्ज मिला हुआ है। एमई अंकित वशिष्ट के पास महेंद्रगढ़ व कनीना का चार्ज है जबकि जेई के पास महेंद्रगढ़ नारनौल का चार्ज है। इन अधिकारियों को कभी महेंद्रगढ़ तो कभी दूसरे कार्यालय पर रहना पड़ता है। दूसरा इनके दिन भी फिक्स नहीं हें कि किस दिन कौन से कार्यालय में बैठेंगे। इस कारण आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
चेयरमैन कक्ष बना विश्राम गृह
नगरपालिका कार्यालय में पिछले दस माह पूर्व शहर की सरकार का समय पूरा हो गया था इस कारण अब नगरपालिका का चार्ज एसडीएम और सचिव के पास है। कोई भी विकास कार्य या समस्या है तो उसका समाधान उन्हें ही करना पड़ता है। इस समय नगरपालिका में स्थित चेयरमैन कक्ष विश्राम गृह बना हुआ है। चेयरमैन कक्ष के अंदर दो चार पाई, गद्दे तथा कुर्सी पड़ी हुई हैं ।