नारनौल हैफेड ने 23 अप्रैल से अनाज मंडियों में खुली बोली लगाकर किसानों की सरसों की खरीदारी शुरू कर दी है। हैफेड आयल मील में आने वाले किसानों की सरसों तेल की मात्रा जांचकर खरीदी जा रही है। हैफेड किसानों की सरसों निर्धारित कीमत से अधिक भाव पर खरीद कर रही है। इसके अलावा हैफेड आयल मील में बेचने आने वाले किसानों के लिए लकी ड्रा कूपन भी निकाला जा रहा है। ड्रा में नाम निकलने पर किसानों को फसल की कीमत के अतिरिक्त दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अबकी बार नारनौल हैफेड ने 9 हजार टन सरसों की खरीद का लक्ष्य रखा है। अब तक नारनौल हैफेड आयल मिल में 650 क्विंटल के लगभग सरसों खरीदी जा चुकी है, जबकि हैफेड अधिकारी नारनौल, अटेली व दादरी अनाज मंडी में जाकर किसानों की सरसों खरीद रहे है। अब तक हैफेड द्वारा अटेली अनाज मंडी में सबसे अधिक 1500 क्विंटल, नारनौल अनाज मंडी 600 क्विंटल और दादरी अनाज मंडी में करीब 110 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। हैफेड अधिकारियों की माने तो हैफेड ने 23 अप्रैल से जिले की नारनौल, अटेली व दादरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू की है जोकि मंडियों में सरसों की आवक होने तक जारी रहेगी। ताकि मंडी में अपनी सरसों की फसल लेकर आने वाले किसानों का एक-एक दाना खरीदा जा सके।
दो दिनों में हुई सरसों की खरीद
दो दिनों में नारनौल हैफेड विभिन्न अनाज मंडियों में 3530 सरसों के बैगों की खरीद कर चुकी है। इसमें अटेली अनाज मंडी में सबसे अधिक 2400 सरसों बैग, नारनौल अनाज मंडी से 800 बैग और दादरी अनाज मंडी से 220 बैग शामिल है।
किसानों का प्रतिदिन निकाला जाएगा लकी ड्रा
हैफेड आयल मील में 20 क्विंटल या इससे अधिक सरसों बेचने के लिए पांच किसान होने पर उनका लकी ड्रा निकाला जाएगा। ड्रा निकलने वाले किसान को 1 लक्की कूपन दिया जाएगा। इसमें एक किसान को 2000 रुपये का नकद ईनाम भी दिया जाएगा। एक दिन में पांच कूपन एकत्रित नहीं होने की स्थिति में उन कूपनों को अगले दिन में काउंट कर लिया जाएगा। मंगलवार को दो दिनों का लकी ड्रा निकाला गया। इसमें पवित्रा देवी बड़गांव और मुकेश कुमार लहरोदा को दो-दो हजार रुपये का कूपन दिया गया।
हर दिन तय होगी सरसों की कीमत
किसानों की सरसों की फसल की कीमत सरसों में तेल की मात्रा के हिसाब से तय किए हैं। इसके अलावा हैफेड प्रतिदिन राजस्थान और आसपास की अन्य मंडियों में सरसों के रेट लेकर अपने अधिकारियों से विचार-विमर्श कर तय करता है, ताकि किसानों को निर्धारित से अधिक कीमत दी जा सके। प्रत्येक दिन हैफेड सरसों के अलग-अलग तय रेट के अनुसार ही सरसों की खरीदारी करता है।
मंगलवार को यह रही सरसों की कीमत
हैफेड सरसों की फसल की कीमत प्रतिदिन सरसों में तेल की मात्रा के हिसाब से तय करता है। मंगलवार को 37 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों 3858 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई। इसी प्रकार 38 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों 3962 रुपये, 39 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों 4066 रुपये, 40 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों 4171 रुपये प्रति क्विंटल, 41 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों 4275 रुपये और 42 प्रतिशत तेल की मात्रा वाली सरसों 4379 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई।
किसानों से नहीं लिया जा रहा पल्लेदार और आढ़त खर्च
मंडियों और बाजारों में सरसों बेचते समय किसान की जिंस में कटौती की जाती है। इसके अलावा किसान से पल्लेदारी और आढ़त का खर्च भी लिया जाता है, लेकिन हैफेड आयल मील में किसानों से इस प्रकार का कोई खर्च नहीं लिया जा रहा है। हैफेड के एजीएम नीरज त्यागी ने किसानों से हैफेड द्वारा चलाई जा रही स्कीम का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हैफेड किसानों को मंडी भाव से अधिक कीमत दे रही है। इसके अलावा किसानों के लिए लकी ड्रा कूपन योजना चलाई गई है। इसमें किसानों को फसल की कीमत से दो हजार रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि एक बार हैफेड आयल मील में आकर अपनी सरसों में तेल की मात्रा अवश्य चेक करवा लें, ताकि सरसों में अधिक तेल की मात्रा पाए जाने पर वे बाजार भाव से अधिक रेट हासिल कर सकें।