नारनौल/नांगल चौधरी/मंडी अटेली। नारनौल सहित कई गांवों के किसानों का डाटा पोर्टल पर अपडेट नहीं होने के कारण फसल नहीं बेच पा रहे। इसके कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नारनौल, टहला, मारोली आदि गांवों के किसानों ने एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकरण करवाया था लेकिन पैदावार का डाटा ई खरीद पोर्टल पर अब तक अपडेट नहीं किया गया है। इस कारण जब इन गांवों के किसान बाजरा बेचने के लिए मंडी आते हैं तो उन्हें गेटपास जारी नहीं किया जाते।
किसानों को वापस बाजरा ले जाने में खर्चा अधिक होता है। इसलिए बाजरा व्यापारियों को बेच देते हैं लेकिन बाजरा बेचने के बाद भी किसानों को बाजरे का भुगतान नहीं मिल पा रहा। क्योंकि जब तक गेटपास जारी नहीं हो जाता तब तक व्यापारी भी जे फार्म जारी नहीं कर सकते।
23 सितंबर से अब तक नारनौल में 1666, नांगल चौधरी में 72 और अटेली में 3414 गेट पास जारी किए गए। वहीं अब तक नारनौल में 47845, नांगल चौधरी में 2379 और अटेली में 95383 क्विंटल बाजरे की आवक हुई है। तीनों मंडियों में सरकारी खरीद अभी तक शून्य है और व्यापारी बोली लगाकर खरीद कर रहे हैं। नारनौल में 33831, नांगल चौधरी में 2313 और अटेली में 67507 क्विंटल बाजरे की खरीद व्यापारियों ने की है। तीनों मंडियों में 103651 क्विंटल बाजरे की खरीद व्यापारियों ने की।
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24 सितंबर को बाजरा बेचने मंडी आया था लेकिन गेटपास जारी नहीं होने के कारण 3 दिनों तक बाजरा मंडी में ही पड़ा रहा। इसके बाद बहुत कम भाव पर व्यापारियों को बेच दिया लेकिन गेटपास जारी नहीं होने के कारण अब तक भुगतान नहीं मिल पाया है। शिकायत सीटीएम कार्यालय में भी दर्ज करवाई लेकिन सिर्फ डाटा जल्द अपडेट होने का आश्वासन मिला। -दलीप सिंह, किसान, नारनौल।
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अधिकारी खरीद तो दूर बाजरे की जांच के लिए भी मंडी में नहीं आ रहे। सुबह 9 बजे मंडी पहुंच गया था लेकिन दोपहर तक इंतजार करने के बाद भी खरीद अधिकारी मंडी नहीं पहुंचे। इसके बाद व्यापारियों द्वारा लगाई गई बोली पर बाजरा 1921 रुपये में बेचा। किसान अपना बाजरा एमएसपी से कम मूल्य पर बेचने को मजबूर हैं।-आजाद, किसान,गांव-गहली
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ई खरीद पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने के कारण नारनौल सहित कुछ गांवों के किसानों को गेट पास जारी नहीं हो पा रहे। गेटपास से संबंधित समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।-नुकुल यादव,सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।