फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

विज्ञापन
मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका। संवाद - फोटो : Narnol
विज्ञापन
नारनौल। मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा संबंधित स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने रविवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव के निजी सचिव को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

इससे पूर्व कार्यकर्ता लोक निर्माण विश्राम गृह के सामने एकत्रित हुईं। यहां से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए राज्यमंत्री के कार्यालय पर पहुंचीं। मिड डे मील कार्यकर्ता यूनियन की पूर्व प्रधान विमला ने कहा कि मिड डे मील कार्यकर्ता सरकार की पोषाहार नीति को लागू कर नौनिहालों को कुपोषण से बचाने का काम कर रही है। कार्यकर्ता बेहद गरीब परिवारों से हैं जिन्हें पूरे साल का मानदेय भी नहीं मिलता। इसलिए सरकार को न्यूनतम वेतन व डीसी रेट की दर लागू की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से मिड डे मील कार्यकर्ता को श्रमिक का दर्जा देने, 15 बच्चों पर एक मिड डे मील कुक लगाने, डीसी रेट का वेतन लागू करने, पूरे 12 महीने का मेहनताना देने, अवकाश का मानदेय नहीं काटने, सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष करने, सेवानिवृत्ति पर कम से कम 3 लाख की एकमुश्त सहायता राशि देने, मिड डे मील कार्यकर्ताओं को आयुष्मान से जोड़कर नि:शुल्क इलाज की सुविधा देने, ड्रेस की राशि 1500 रुपये सालाना देने की मांग की। एआईयूटीयूसी जिला प्रधान मास्टर सूबे सिंह ने मिड डे मील कार्यकर्ताओं से एकजुटता के साथ आंदोलन से जुड़े रहने का आह्वान किया। एआईयूटीयूसी जिला सचिव छाजूराम रावत ने कहा कि सरकार की शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की नीति जन हित में नहीं है, इससे गरीब बच्चे शिक्षा की पहुंच से बाहर हो जाएंगे। रावत ने कहा कि निजीकरण की नीतियां देश व जनता के हित में नहीं है। प्रदर्शन में सुनीता, कौशल्या, कमलेश, मुनेश, निशा, उर्मिला, गीता, कुसुम, रामरती, मुकेश, शकुंतला, बिमला, प्रियंका, कांता सहित मुकेश कुमार व राजकुमार रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें