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अवकाश की घोषणा के बाद भी खुले रहे कई निजी स्कूल

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स्कूल की छूट्टी होने के बाद निजी स्कूल की बस से घर जाते बच्चें । संवाद - फोटो : Narnol
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नारनौल। सरकार ने एक जून से तीन जून तक विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की है। इसके बाद भी बुधवार को जिले के निजी स्कूल खुले रहे। कुछ स्कूलों के बच्चे स्कूल बस से घर लौटते नजर आए। गर्मी से बच्चे परेशान हैं। बच्चे पढ़ाई में पिछड़ न जाएं। इस वजह से परिजनों को बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है।
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कुछ दिन पहले प्रदेश सरकार की ओर से एक जून से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा की थी। सरकार के निर्देश पर सभी सरकारी विद्यालयों की छुट्टियां हो गई लेकिन निजी विद्यालय संचालक हमेशा की तरह इस बार भी सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आएं। कुछ स्कूलों ने कक्षा नर्सरी से आठवीं तक की छुट्टियां कर दी हैं लेकिन कुछ स्कूल पहली से 12वीं तक स्कूल लगाए हुए हैं। बुधवार को सामान्य दिनों की भांति स्कूल खुले रहे। सुबह के समय बसें शहर एवं गांवों में स्कूलों की बसें विद्यार्थियों को लेकर दौड़ती दिखी। दोपहर के समय छुट्टी होने पर बसों में बच्चे पसीने से लथपथ तथा परेशान दिखे। अमर उजाला टीम ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने कहा कि छुट्टियां कौन नहीं चाहता? ये ही दिन मौज मस्ती के होते हैं और इनमें भी पढ़ाई करनी पड़ रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों से छुट्टियां करवाने की मांग की है।
पिकअप की टक्कर से स्कूल बस की डीजल की टंकी टूटी
पहले दिन शराब से भरी पिकअप ने उपायुक्त आवास के पास निजी स्कूल बस को टक्कर मार दी जिससे बस की डीजल की टंकी टूट गई और डीजल रोड पर फैल गया। गनीमत रही कि बस में कोई बच्चा नहीं था। बस बच्चों को छोड़कर वापस स्कूल जा रही थी। सबसे खासबात यह है कि जब सरकार ने छुट्टियां घोषित कर दी तो निजी स्कूल क्यों खोले जा रहे हैं, प्रशासन की ओर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
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पढ़ाई का नहीं दबाव:
कोविड-19 की वजह से पिछले दो वर्ष विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई थी। लॉकडाउन -1 में मात्र तीन-चार महीने तथा लॉकडाउन -2 में लगभग आठ महीने स्कूल लगे थे। इस वजह विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित रही थी। उस समय स्कूलों पर पढ़ाई का दबाव रहता था लेकिन इस सत्र से स्कूलों अपने पुराने ट्रैक पर आ गए हैं। नियमित कक्षाएं लग रही हैं। पढ़ाई का कोई दबाव नहीं है, उसके बाद भी स्कूल संचालक छुट्टियां नहीं कर रहे।
अभिभावक सरिता, आरती, प्रियंका, गीतिका, राकेश, अशोक आदि ने बताया कि गर्मी चरम पर हो रही है। सरकार के आदेश होने के बाद भी स्कूलों में छुट्टियां नहीं की जा रहीं। 45 डिग्री तापमान में बच्चों को स्कूल बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें मजबूरी में अपने बच्चों को स्कूल भेजना पड़ रहा है कहीं उसका बच्चा पढ़ाई में पिछड़ न जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से छुट्टियां करवाने की मांग की।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं कि वो स्कूलों की जांच कर जिन स्कूलों ने छुट्टियां नहीं की है उनकी छुट्टियां करवाएं। सरकार के आदेशों की अवेहलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- सुनील दत्त, जिला शिक्षा अधिकारी।
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