नारनौल। व्यावसायिक शिक्षा देकर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नारनौल में महिला आईटीआई की स्थापना की गई थी लेकिन अनुदेशकों और इंस्ट्रक्टर की कमी से यहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थिति यह है कि उधार के अनुदेशकों से काम चलाया जा रहा है। यहां सात ट्रेडों में 200 छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन सात ट्रेडों को पढ़ाने के लिए कुल 12 पद सृजित हैं लेकिन वर्तमान में छह पद खाली पड़े हैं। तीन ट्रेडों में एक भी अनुदेशक नहीं है।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में इस माह प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी लेकिन महिला आईटीआई में पढ़ाने के लिए अनुदेशक नहीं हैं। मात्र छह अनुदेशकों के सहारे काम चलाया जा रहा है। पिछले वर्ष डीएमसी, कोपा, ड्रेस मेकिंग ट्रेड की मान्यता मिली थी। इन ट्रेडों को पढ़ाने के लिए आईटीआई में किसी स्थायी अनुदेशक की तैनाती नहीं र्हुई है। ड्रेस मेकिंग पढ़ाने के लिए महीने में दस दिन रेवाड़ी से अनुदेशक आती हैं। शेष दस दिन उन्हें खाली ही रहना पड़ता है। कक्षाओं में छात्राओं को पूरे समय तक रोके रखने के लिए कंप्यूटर की कक्षा में सिलाई कटाई अनुदेशक को भेज दिया जाता है। कभी किसी और अनुदेशक को भेज दिया जाता है। सरकार की ओर से ट्रेड तो बढ़ा दी गई लेकिन अनुदेशक अभी तक नहीं आए हैं। कई वर्ष से अनुदेशकों की भर्ती नहीं हुई। 2014 में सरकार की ओर से ठेके पर अनुदेश लिए गए थे, उनका केस कोर्ट में लंबित चल रहा है।
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ट्रेड अनुदेशक के सृजित पद रिक्त पद
कोपा - 03 03
इलैक्ट्रिशियन - 02 01
ड्रेस मेकिंग - 01 01
डीएमसी - 01 01
सिलाई- कटाई - 02 00
ब्यूटी पॉर्लर - 02 00
कढ़ाई - 01 00
कुल पद 12 06
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ट्रेड - कुल सीट - अवधि
कोपा - 72 - 01 वर्ष
इलेक्ट्रीशियन - 40 - 02 वर्ष
ड्रेस मेकिंग - 20 - 01 वर्ष
डीएमसी - 20 - 02 वर्ष
सिलाई-कटाई 40 - 01 वर्ष
ब्यूटी पॉर्लर - 48 - 01 वर्ष
कढ़ाई - 20 - 01 वर्ष
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वर्जन:
आईटीआई में स्टाफ की कमी है। जितना स्टाफ है उसी से बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। खाली सीटों पर तैनाती का आग्रह सरकार से किया गया है। अनुदेशकों की भर्ती सरकार को ही करनी है।- वंदना शर्मा, प्राचार्य, महिला आईटीआई, नारनौल।