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Mahendragarh-Narnaul News: खून की कमी नॉर्मल डिलिवरी में बन रही बाधा, दो माह में 21% ने लिया सहारा

Wed, 26 Jun 2024 11:14 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो संख्या:52-नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में ओपीड़ी के बाहर लगी मरीजों की लंबी लाइन--स्रोत--संव
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महेंद्रगढ़। खून की कमी नॉर्मल डिलीवरी में बाधा बन रही है। पिछले दो माह में 21 फीसदी गर्भवतियों की सिजेरियन डिलिवरी करनी पड़ी है। चिकित्सकों की मानें तो गर्भावस्था में पोषण संबंधित सावधानियां नहीं बरतने के कारण 50 फीसदी महिलाओं में रक्त की कमी नॉर्मल डिलिवरी में बाधा बनती है। हालांकि पिछले दो माह में नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में कुल 123 डिलिवरी हुई हैं, जिनमें से 28 की यानी 21% गर्भवतियों की सिजेरियन करनी पड़ी है।
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विशेषज्ञों की मानें तो अधिकांश महिलाएं गर्भावस्था के दौरान आहार में पौष्टिकता का ध्यान नहीं रखती हैं। इस वजह से शरीर में रक्त की कमी से कई परेशानियां हो जाती हैं। प्रसव के समय रक्त की मात्रा 12 से 16 ग्राम तक होनी चाहिए। कम हिमोग्लोबिन के कारण महिला प्रसव के दौरान कई परेशानियों से गुजर सकती हैं। ऐसे में सिजेरियन सेक्शन ही प्रसव का विकल्प बचता है।
गर्भवती ऐसे करें खून की कमी पूरी
गर्भवतियों को संतरा, मौसमी, आंवला जैसे फलों के साथ-साथ किशमिश, अंजीर, खजूर को प्रतिदिन अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। मेवे का अधिक प्रयोग करने से शरीर में आयरन की कमी पूरी होती है। हीमोग्लोबिन का स्तर भी बढ़ता है। जिन सब्जियों में फोलिक एसिड की मात्रा अधिक रहती है, उन्हें भी डाइट में शामिल करने से खून की कमी दूर होती है।
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-किसी गर्भवती को दिक्कत आ रही है तो वह नागरिक अस्पताल में आकर अपनी जांच करवा सकती है। गर्भवती में रक्त का सामान्य स्तर 12 से 16 ग्राम माना जाता है। महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर पुरुषों के मुकाबले कम होता है। ऐसे में खून की कमी होने पर सिजेरियन की जरूरत पड़ती है। गर्भवतियों को ड्राईफ्रूट खाना चाहिए। समय-समय पर जांच करवानी चाहिए।
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-डॉ. नेहा यादव, नागरिक अस्पताल

फोटो संख्या:52-नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ में ओपीड़ी के बाहर लगी मरीजों की लंबी लाइन--स्रोत--संव

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