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Mahendragarh-Narnaul News: बारिश हुई, फिर प्यासी रह गई धरती... जहां रिचार्ज हुआ, वहां लौटा पानी

Thu, 15 Jan 2026 11:36 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
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फोटो नंबर-14नारनौल की नहर में चलता पानी।
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नारनौल। इस बार मानसून में अच्छी बारिश होने के बाद भी 15 से अधिक गांवों में भूजलस्तर नीचे चला गया। वहीं हुडिना समेत कई गांवों में जलस्तर में सुधार भी हुआ है। भूमिगत जलस्तर का यह सिंचाई विभाग की तरफ से साल में मानसून से पहले और बाद में जारी आंकड़ों से पता चला है। जहां भूजलस्तर सुधरा है, वहां बड़ा कारण तालाब, बांध और रिचार्जिंग बोर की वजह से धरती से गर्भ में पानी जाना है।
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जिले में 70 से अधिक ऐसे भी गांव है जहां 10 से 50 मीटर तक जलस्तर ऊपर आया है। इनमें हुडिना गांव में एक साल में 50 मीटर भूजलस्तर में सुधार हुआ है। सिंचाई विभाग की ओर से प्री मानसून से पहले जून माह और मानसून के बाद अक्तूबर माह में डाटा एकत्रित किया जाता है। महासर गांव में मानसून के बाद करीब 24 मीटर भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला है। सतनाली ब्लॉक के 11 गांवों में मात्र दो गांवों में ही भूजल स्तर में सुधार हुआ है इनमें आकोदा व सतनाली गांव शामिल है। वहीं, बारडा, नावां, ढाढोत, सतनाली, बीरसिंहवास, डालनवास, नांगल माला, बलाना और सोहला गांव है जहां पर एक से तीन मीटर तक भूजल स्तर में गिरावट हुई है।

निजामपुर के 15 गांवों में से 13 में सुधरा भूजल स्तर

कभी निजामपुर ब्लॉक को डार्क जोन में माना जाता था, लेकिन अब डैम और रिचार्जिंग बोर की वजह से अनेक गांवों के भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों की बात करे तो 15 में से 13 गांवों में बीते एक साल में एक से तीन मीटर तक भूजल स्तर में सुधार हुआ है। हालांकि बसीरपुर में 2024 में अक्तूबर के आंकड़ों में 27.5 और अब अक्तूबर 2025 में
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30.5 मीटर पानी पहुंच गया है। वहीं पवेरा में एक साल में करीब पांच मीटर तक भूजल स्तर में गिरावट हुई है।


बारडा गांव में एक साल में 43.3 तो सोहला में 48 मीटर गिरा भूजल स्तर:


सतनाली ब्लॉक के गांव बारडा में लगातार भूजल स्तर में गिरावट हो रही है। 2024 में अक्तूबर माह की रिपोर्ट के अनुसार 65 मीटर भूजल स्तर था, वहीं इस बार अक्तूबर 2025 में 108.3 मीटर दर्ज किया गया। ऐसे में बारडा गांव में एक साल में ही करीब 43.3 मीटर भूजल स्तर में गिर गया। इस पहले जून 2025 में 106.4 मीटर रहा था। सोहला गांव का 116.1 मीटर भूजल स्तर पहुंच गया है, जो 2024 में 68 मीटर दर्ज किया गया था। इसके अलावा नावां गांव में तेजी से नीचे भूजल स्तर गिर रहा है। वहां भी 94.1 मीटर रहा है, जो 2024 में 67 मीटर दर्ज किया गया था।






अक्तूबर में लिए गए डाटा के अनुसार भूजल स्तर की स्थिति







गांव 2024 2025


बारडा 65 108.4


पवेरा 40.3
45.2

खासपुर 41.8

25.8

कुलताजपुर 40.1
20.1

अटाली 31.2

20.4

रामपुरा 118.7

88.2

पृथ्वीपुरा 76.85

97.2

महरमपुर 33.85

18.2

कुलातजपुर 40.1
20.1

नीरपुर 23.1

15.4

गुवानी 55.6
58.1

हुडीना 66.4

16.4

नांगल हरनाथ 75.6

64.1









वर्जन



सिंचाई विभाग की तरफ से लगातार भूजल स्तर में सुधार के लिए जोहड़ों व रिचार्जिंग के लिए बोर बनाए जा रहे हैं। जिसकी वजह से अनेक गांवों का भूजल स्तर ऊपर आया है। अब जिन गांवों में तेजी से भूजल स्तर गिर रहा है वहां रिचार्जिंग बोर बनाने की योजना बनाई जाएगी।
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-संदीप नासीर एक्सईएन सिंचाई विभाग नारनौल।
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