नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूली स्तर से ही विद्यार्थियों के कौशल विकास को महत्व दिया है। आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए जरूरी है कि शिक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों को विभिन्न कौशल से भी युक्त किया जाए। आज के समय में इंडस्ट्री और शिक्षण को अलग-अलग नहीं रखा जा सकता है। ये दोनों ही एक साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं और ऐसे में आपसी सहयोग से ही योग्य, प्रशिक्षित युवा शक्ति का विकास हो सकता है। हकेंविवि ने ने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेंटर की शुरुआत की है। यह केंद्र रोजगार के अवसर दिलाने के साथ-साथ कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण सत्रों का भी आयोजन कर रहा है।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेंटर के द्वारा आयोजित पैनल डिस्कशन में अपने संबोधन में व्यक्त किए। ऑनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम में गैलेक्सी मैग्नम लिमिटेड के वाइस चेयरमैन इंजीनियर अशोक बंसल की पुस्तक डिजाइन ऑफ एनर्जी एफिशियंसी हाई राइज बिल्डिंग का भी विमोचन हुआ। प्रो. टंकेश्वर कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इंडस्ट्री और शिक्षण प्रशिक्षण के कार्य में जुटे संस्थानों को अलग-अलग नहीं रखा जा सकता। ये एक साथ मिलकर ही देश व विश्व की बेहतरी में योगदान दे सकते हैं।
भारत की युवा शक्ति को बदलते समय की मांग के अनुरूप तैयार करें। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी इसी के पक्ष में है और इसको शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत प्रमुखता दी गई है। कुलपति ने इंडस्ट्री को विश्वविद्यालय में शोध कार्य के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि हम इसके लिए आवश्यक सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार है। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से इनोवेशन, इन्क्यूबेशन के साथ-साथ विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिससे की वो पढ़ाई के बाद रोजगार के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना कर सके। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न पीठों के अधिष्ठाता, विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक प्रभारी, शोधार्थी, विद्यार्थी व अधिकारी आदि शामिल हुए।