नगर परिषद द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 की रैकिंग में सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों को आगे बढ़ाते हुए इस बार क्यूआर कोड पर आधारित स्मार्ट सिस्टम की शुरुआत करने जा रहा है। इसकी शुरुआत नगर परिषद के तहत आने वाले मुख्य बाजारों के 30 शौचालयों से की जाएगी। इनके लिए एक केयर टेकर भी होगा, जो साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखेगा। क्यूआर कोड स्कैन कर आप शौचालय अच्छा है या बुरा की प्रतिक्रिया दे सकेंगे। इसकी निगरानी केंद्रीय मंत्रालय द्वारा की जाएगी।
2021 के स्वच्छता सर्वेक्षण में फिसड्डी रहने पर नगर परिषद इस बार पहले से ही साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दे रही है। जब आप शौचालय में जाएंगे तो उसके अंदर साफ-सफाई के साथ-साथ पानी, साबुन और बिजली की व्यवस्था भी मिलेगी। क्योंकि नप शहर के विभिन्न शौचालयों में क्यूआर कोड सिस्टम शुरू करने जा रही है। क्यूआर कोड स्कैन कर आप अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे, जिसकी निगरानी केंद्रीय मंत्रालय से की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
क्यूआर कोड स्कैन कर शिकायत दर्ज करवाएं
क्यूआर कोड स्कैन करने पर 5 विकल्प आएंगे, जो बिजली, पानी, साबुन की उपलब्धता, शौचालय परिसर एवं शौचालय सीट की साफ-सफाई से संबंधित होेंगे। प्रतिक्रिया दर्ज कराने के लिए एक विकल्प चुनना होगा। इसके अतिरिक्त कोड स्कैन करने पर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, वार्ड और अन्य जानकारी भी उपलब्ध होगी। क्यूआर कोड स्कैन करने की यह व्यवस्था शहर के 30 शौचालयों में होगी।
प्रतिक्रिया की निगरानी करेगा मंत्रालय:
स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी दीपक दुबे ने बताया कि शहर के 30 सार्वजनिक शौचालयों में यह सिस्टम शुरू किया जाएगा। नागरिक क्यूआर कोड स्कैन करके अपनी शिकायत या प्रतिक्रिया दे सकेंगे। नागरिक द्वारा दी गई प्रतिक्रिया की निगरानी सीधे केंद्रीय मंत्रालय से होगी। शहर एवं स्थानीय निकाय विभाग भी इस पर संज्ञान लेगा। प्रतिक्रिया के आधार पर एक घंटे के अंदर नगर परिषद द्वारा एक्शन लिया जाएगा।
वर्तमान में शौचालयों की हालत खस्ता
शहर में लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह के सामने, टीबी अस्पताल के पास, महिला कॉलेज के पास, आईटीआई सहित शहर के मुख्य बाजारों में शौचालय बनाए गए हैं। इन शौचालयों की हालत बहुत खस्ता हो चुकी है। शौचालयों के अंदर पानी की सुविधा तक नहीं है। ठीक से सफाई नहीं होने पर बहुत से लोग वहां शौच जाने से भी कतराते हैं। इस वजह से बहुत से लोगों को खुले में शौच जाना पड़ता है।