महेंद्रगढ़। चितलांग गांव के महेश कुमार 29 अक्तूबर 2002 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में ऑपरेशन रक्षक के दाैरान बलिदान हो गए थे। तब उनकी पत्नी राजेश देवी महज 30 वर्ष की थीं। उन्होंने पति की शहादत के बाद तीन बच्चों को न सिर्फ पाल पोसकर बड़ा किया बल्कि काबिल भी बनाया। उनके दोनों बेटे सरकारी विभागों में क्लर्क हैं जबकि बेटी एक मेजर की धर्मपत्नी हैं।
राजेश देवी बताती हैं उनके पति महेश कुमार भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट की द्वितीय बटालियन की घातक पलाटून में हरियाणवी शेर के नाम से प्रसिद्ध थे। जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक के दौरान वे बलिदान हो गए थे।
8 जुलाई 1991 को उनकी महेश से शादी हुई थी। जब वे बलिदान हुए तब बड़ी बेटी शालू 8 साल की, बड़ा बेटा राजीव 4 साल और छोटा बेटा संजय सिर्फ एक वर्ष का था। पति की शहादत ने उन्हें जीते जी तोड़ दिया था।लगा मानो अब दुनिया ही खत्म हो गई है लेकिन उन्होंने अपने तीन बच्चों की ओर देखा और उनके लिए जीने का फैसल किया।
राजेश बताती हैं उनकी बेटी शालू आईआईटी इंदोर से पासआउट हो चुकी है और अब शादी के बाद पति मेजर कुलदीप सिंह के साथ कोलकाता में है। बड़ा बेटा राजीव ग्रेजुएशन करने के बाद 21 सितंबर 2018 को राजस्व विभाग में क्लर्क बन चुका है। फिलहाल वह सतनाली में सेवारत है। सबसे छोटा बेटा संजय भी अपनी ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद 14 सितंबर 2020 को संजय नगर निगम गुरुग्राम में क्लर्क बन चुका हे।
महेश के बलिदान होने के बाद गांव में नहीं मनी थी दीपावली
राजेश बताती हैं उनके पति महेश का अहोई अष्टमी के दिन जन्म हुआ था। उन्होंने बलिदान भी अहोई अष्टमी के दिन ही दिया था। उनकी शहादत की सूचना जब गांव पहुंची तो गांव में शोक की लहर दौड़ गई। किसी भी घर में दीपक नहीं जला था। पूरे गांव में उस साल दीपोत्सव नहीं मनाया गया था।
सेना-पुलिस से जुड़ा रहा है परिवार
चितलांग गांव निवासी मास्टर हनुमान सिंह के चार बेटों में महेश दूसरे नंबर के थे। उनके सबसे बडे़ बेटे हवलदार राजेश कुमार राजपूत रेजिमेंट में 18 साल तीन माह सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब वे एक टायर एजेंसी चलाते हैं। तीसरे नंबर के नरेश क्रशर संचालित करते हैं। सबसे छोटे बेटे राजकुमार हरियाणा पुलिस में उप निरीक्षक हैं। वे वर्तमान में मेवात जिले में सेवाएं दे रहे हैं।
राजीव बोला-मां ने पिता बनकर निभाई हर जिम्मेदारी
बड़े बेटे राजीव सिंह ने बताया कि पिता के बलिदान होने के बाद मां राजेश देवी ने ही तीनों बच्चों को पाल पोसकर बड़ा किया। उन्होंने मां और पिता दोनों का फर्ज निभाया। जब भी कभी स्कूल में या बाहर पिता की जरूरत होती तो मां हमेशा खड़ी रहती।
फोटो संख्या:53-गांव चितलांग में शहीद महेश कुमार व वीरांगना राजेश देवी व साथ में बडा बेटा राजीव
फोटो संख्या:53-गांव चितलांग में शहीद महेश कुमार व वीरांगना राजेश देवी व साथ में बडा बेटा राजीव
फोटो संख्या:53-गांव चितलांग में शहीद महेश कुमार व वीरांगना राजेश देवी व साथ में बडा बेटा राजीव