नारनौल। इन दिनों नगर परिषद के सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता से कदम नहीं उठाने के कारण शहर की हालत बद से बदतर होती जा रही है। 30 मई को घर-घर कूड़ा उठान करने वाली कंपनी का ठेका समाप्त हो जाने के बाद परिषद ने समय बढ़ा-बढ़ाकर करीब एक महीने तक काम कराया। ठेकेदार कर्मवीर ने बताया कि बकाया कि तीन करोड़ रुपये नहीं मिलने से करीब एक सप्ताह कूड़ा उठान बंद कर दिया गया है। इससे शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने लगे हैं। अब नगर परिषद के कर्मचारी ही किसी तरह इस कार्य में जुटे हैं।
शहर के लोगों के लिए जो व्यवस्था नगर परिषद ने बनाई थी अब वह ठेकेदार के काम बंद कर देने के कारण बिगड़ती जा रही है। बाजारों और मोहल्लों में घर-घर कूड़ा उठान करने वाली गाड़ियां अब बंद हो गई हैं। इस कारण लोगों के घरों में कूड़ादान भरने लगे हैं। दो-तीन दिन इंतजार करने के बाद जब कूड़ा गाड़ी मोहल्लों में नहीं पहुंची तो लोगों ने कूड़ा फिर से खाली प्लाटों व सड़कों पर डालना शुरू कर दिया है।
इसी तरह का हाल बाजारों में हो गया है और दुकानदार भी शाम को जाते समय कूड़ा सड़कों पर डालने लगे हैं। कई स्थानों पर गंदगी के ऐसे ढेर लग गए हैं कि वातावरण दूषित होने लगा है। सड़कों व खाली प्लाटों पर फैली गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार होने लगी है। शहर के कई स्थानों पर करीब चार महीने पहले तत्कालीन डीएमसी आनंद शर्मा द्वारा डंपिंग स्थानों की सफाई करवा कर कूड़ा डालने के लिए प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन अब इन स्थानों पर भी लोगों ने फिर से कूड़ा डालना शुरू कर दिया है।
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अब नप के 203 कर्मचारी सफाई में जुटे
ठेकेदार द्वारा घर-घर कूड़ा उठान बंद कर देने के बाद अब नगर परिषद के 203 कर्मचारी ही सवा लाख की आबादी वाले शहर की सफाई व्यवस्था में जुटे हैं। जिन पर अब कूड़ा उठान का अतिरिक्त भार भी आ गया है। पहले कूड़ा उठान करने के लिए कंपनी के करीब 60 व्यक्ति अतिरिक्त लगे हुए थे। शहर में नगर परिषद के ज्यादातर कर्मचारी झाड़ू निकालने व नालियों की सफाई का कार्य ही करते हैं। कूड़ा उठान के लिए करीब 15 से 20 कर्मचारी ही लगे हुए हैं, जबकि कूड़ा उठान के लिए पहले कंपनी के 40 टेंपो, ट्रैक्टर व लोडर लगे हुए थे। जो शहर में रोजाना 60 टन कूड़े का उठान किया करते थे।
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एक सप्ताह से अधिक समय से कूडा गाड़ी नहीं आ रही है। इस कारण सड़क किनारे और खाली जगह पर कूड़े के ढेर लगे हैं। इससे आसपास दुर्गंध उठती रहती है। बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।-शकुंतला देवी, रामकरण दास कॉलोनी
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कूड़ा उठान करने वाली गाड़ी पहले तीन दिन में एक बार आती थी। अब तो लंबे समय से गाड़ी नहीं आ रही है। इस कारण आमजन को कूड़ा निस्तारण के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।-सीमा देवी, श्याम कॉलोनी
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सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। चार महीने सफाई के लिए करीब 80 लाख रुपए का टेंडर भी लगा दिया गया है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक कंपनी के कुछ टैंपों भी लिए गए हैं जिनसे कूड़ा उठान का कार्य करवाया जा रहा है।
विकास शर्मा। जेई नगर परिषद, नारनौल।