महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को 30 सितंबर तक चलने वाले हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ किया गया। हिंदी के समक्ष चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर आयोजित इस ऑनलाइन व्याख्यान को विवि के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने संबोधित किया। प्रो. टंकेश्वर ने कहा कि हिंदी भाषाकी सरलता, सहजता और शालीनता अभिव्यक्ति को सार्थकता प्रदान करती है। प्रधानमंत्री का यह कथन हिंदी की स्वीकार्यता व उपयोगिता को स्पष्ट करता है। हिंदी वह भाषा है जो समूचे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधती है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं और अवश्य ही इस दिशा में व्यावहारिक प्रयोग से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है।
- हिंदी के प्रचार-प्रसार में शिक्षकों की भूमिका अह्म:
विश्वविद्यालय की हिंदी प्रोत्साहन समिति द्वारा आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान की शुरुआत राजभाषा प्रतिज्ञा के साथ हुई। कुलपति ने प्रतिभागियों को राजभाषा से प्रेम, उसके प्रयोग हेतु प्रोत्साहन और उसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने की प्रतिज्ञा दिलाई। व्याख्यान का उद्देश्य भी हिंदी के समक्ष चुनौतियों और उसके विकास के उपलब्ध होने वाली संभावनाओं पर विचार करना है। कुलपति ने कहा कि हिंदी के व्यावहारिक प्रयोग से यह जन-जन तक पहुंचेगी और इस कार्य में शिक्षकों, विद्यार्थियों व कर्मचारियों की भूमिका महत्त्वपूर्ण है।
- हिंदी का भविष्य उज्ज्वल:
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी भाषा केइस महत्त्व को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के सह-आचार्य डॉ. हरींद्र कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति में जिस तरह से मातृभाषा को महत्व दिया गया है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि हिंदी का भविष्य उज्ज्वल है। आज तकनीक के माध्यम से हम हिंदी का उपयोग सहज कर सकते हैं और यह बदलाव इसके प्रचार-प्रसार में सहायक है।
- देशभर से शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने लिया भाग:
इससे पूर्व में हिंदी प्रोत्साहन समिति के सदस्य डॉ. अजय पालने हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में गृहमंत्री व शिक्षा मंत्री द्वारा जारी संदेश को पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षापीठ के सहायक आचार्य डॉ.शंकरलाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के सहायक आचार्य डॉ.सिद्धार्थशंकर राय ने प्रस्तुत किया। सहायक आचार्य डॉ. अनूप यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई।व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शोध अधिष्ठाता प्रो.संजीव कुमार व शिक्षा पीठ की अधिष्ठाता प्रो. सारिका शर्मा सहित विभिन्न पीठों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष,शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारी, विद्यार्थी व शोधार्थी व देश के विभिन्न संस्थानों से प्रतिभागी शामिल हुए।