कुछ राजनीतिक पार्टियों के लोग अपने स्वार्थ के लिए किसानों का नाम लेकर हरियाणा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दिल्ली सीमा पर बैठे लोगों का किसानों से कोई लेना-देना नहीं है। बाहर से आए कुछ जत्थेदार और राजनीतिक दल मिलकर इसे किसान आंदोलन का नाम दे रहे हैं।
जबकि किसानों को इस आंदोलन से कोई मतलब नहीं है। किसान अपने खेत में व्यस्त हैं। यह बात मंगलवार को हरियाणा के नारनौल में पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं जन परिवेदना समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल कही।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सीमा पर बैठे कुछ स्वार्थी लोगों ने इस आंदोलन की आड़ में किसानों का बहुत नुकसान किया है। हर रोज दिल्ली में सब्जी, दूध बेचकर गुजारा करने वाले किसानों-मजदूरों को आर्थिक चोट पहुंचाई है।
इसके अलावा इन्होंने सीमा के साथ लगने वाले शहरों के उद्योग-धंधों को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही इन उद्योगों में काम-धंधा करने वाले नागरिकों को बेरोजगार कर दिया है। यह कुर्सी और राजनीतिक लड़ाई है। इससे किसानों का कोई लेना-देना नहीं है।
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उन्होंने कहा कांग्रेस पार्टी और लाल झंडे वाले मिलकर इसे किसान आंदोलन का रूप देना चाहते थे। लेकिन वे इसमें पूरी तरह विफल रहे। हरियाणा का किसान अच्छी तरह समझता है कि उसके हित में क्या है। उन्होंने कांग्रेसियों को नसीहत देते हुए कहा कि जनता ने कांग्रेस पार्टी को कड़ा संदेश ऐलनाबाद उप चुनाव में दे दिया है। वहां पर कांग्रेस की जमानत जब्त हुई है। अब भी कांग्रेस को समझ जाना चाहिए कि राजनीति अपने झंडे को लेकर करनी चाहिए। किसान का झंडा लेकर राजनीति करना बंद करें।
दलाल ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के आर्थिक उत्थान को कृतसंकल्प है। यही कारण है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने स्व: संज्ञान लेते हुए जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा नहीं करवाया था, उन्हें भी मुआवजा देने का फैसला किया है। हरियाणा सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है, जिसने बाजरा पर 600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भरपाई दी है।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान ने चाहे बाजरा बेचा हो या न बेचा हो, उसके खाते में 600 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकार ने राशि डाल दी है। लगभग 95फ़ीसदी किसानों के खाते में राशि भेजी जा चुकी है। बैठक में नांगल चौधरी के विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान राकेश शर्मा के अलावा ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य मौजूद थे।