बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में अनुबंध आधार पर कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को नियमित करने की पॉलिसी बनाने की मांग की है। वहीं प्रदेश सरकार द्वारा एमपीएचडब्ल्यू के पदों में की गई कटौती के निर्णय को भी वापस लेने की मांग की है।
एसोसिएशन की राज्य प्रधान रानी गहलावत, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चौहान व महासचिव हरि निवास ने कहा कि महिला एमपीएचडब्लू राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में पिछले 15 साल से काम कर रही हैं। लेकिन आज तक उनकी नौकरी पर तलवार लटकी हुई है। नियमित कर्मचारियों के समान काम करने के बावजूद कम वेतन दिया जा रहा है, जोकि न्यायालय के समान काम समान वेतन के आदेशों का उल्लंघन है। एसोसिएशन सरकार से मांग करती है कि जिन महिला एमपीएचडब्ल्यू को विभाग में 15 वर्ष या ज्यादा से सेवाएं दे रही हैं उन्हें नियमित किया जाए। राज्य महासचिव ने स्वास्थ्य मंत्री के साथ पूर्व में हुए समझौतों व मिशन निदेशक के साथ 5 अप्रैल को हुई वार्ता अनुसार एनएचएम में कार्यरत महिलाओं को सातवें वेतन आयोग का लाभ देते हुए कैडर के मूल वेतनमान 4200 ग्रेड पे, भत्तों का लाभ भी देने की मांग की है।
पदों में कटौती से फैसले को वापस ले सरकार
नए नियमों का हवाला देकर एमपीएचडब्ल्यू व एमपीएचएस के पदों में कटौती किए जाने से प्रदेशभर के कर्मचारियों में रोष है। सरकार के नए नियमानुसार हर शहरी क्षेत्र में केवल 6 एमपीएचडब्ल्यू, एक सुपरवाइजर कार्य करेंगे, जबकि हरियाणा के विभिन्न शहरों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में न रखते हुए ये नियम बनाए गए हैं। राज्य प्रधान रानी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से तुरंत संज्ञान लेते हुए पद कटौती के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि पद पुन: बहाल नहीं किए गए तो प्रदेश का एमपीएचडब्ल्यू वर्ग बड़े आंदोलन की राह पर होगा।