जिले में सोमवार से सरकारी समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद की शुरू होगी। जिले में अटेली, कनीना, सतनाली, महेंद्रगढ़, नारनौल व नांगल चौधरी की अनाज मंडियों में सरसों की खरीद की जाएगी। इस बार सरकार वेयर हाउस व हैफेड के माध्यम से किसानों की सरसों की खरीद करेगी। खरीद को लेकर मार्केट कमेटी अधिकारियों ने अनाज मंडियों में तैयारी पूरी कर ली है मगर इस सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि बाजार में सरसों का भाव 6500 से 6800 रुपये प्रति क्विंटल है। ऐसे में बहुत कम किसान ही सरकारी एजेंसियों को अपनी सरसों को बेचेंगे। अब तक नारनौल नई अनाज मंडी में आढ़तियों द्वारा 5500 क्विंटल के करीब सरसों खरीदी जा चुकी है।
बता दें कि उपमुख्खमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सरसों की सरकारी खरीद 21 मार्च तथा चने व गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से करने की घोषणा की थी लेकिन जिले में 21 मार्च से खरीद के लिए कोई अधिकारिक पत्र जारी नहीं किया गया। खरीद एजेंसियों सहित मार्केट कमेटी को 28 मार्च से रबी फसल की सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश प्राप्त हुए है। जिसके तहत सोमवार से जिले की मंडियों में सरसों की सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू होगी। जिले में रबी की फसल में मुख्य रूप से जिले में सरसों, गेहूं, चना व जौ की बिजाई की जाती है। गत वर्ष सरसों के भाव काफी अधिक होने के कारण जिले के किसानों द्वारा इस बार सरसों की अधिक बिजाई की है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार इस बार जिले में कुल 2 लाख 41 एकड़ भूमि पर सरसों की बिजाई की गई है। जबकि 70 हजार एकड़ भूमि में गेहूं की बिजाई की गई। जिले में कुल 3 लाख 60 हजार एकड़ भूमि पर फसल उगाई जाती है। इस प्रकार 20 हजार एकड़ में जौ, चना व अन्य फसलों की बिजाई की गई है।
सरसों फसल के लिए 66 से अधिक किसानों ने करवाया पंजीकरण
मेरी फसल मेरा ब्यौरा वेबसाइट के आकड़ों अनुसार जिले में सरसों के लिए 66,203 किसानों ने 2,41,325 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है। इनमें अटेली क्षेत्र में 9725 किसानों ने 32485 एकड़ भूमि पर, सबसे कम सतनाली में 4109 किसानों ने 14309 एकड़ भूमि पर तथा सबसे अधिक महेंद्रगढ़ क्षेत्र में 15476 किसानों ने 62359 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है। जबकि नारनौल, कनीना व नांगल चौधरी क्षेत्र में क्रमश: 14314, 12700, 10693 किसानों ने 49262, 46104, 36728 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है।
गेेहूं फसल के लिए 13237 किसानों ने करवाया पंजीकरण
गेहूं फसल के लिए जिले के 13237 किसानों ने 26777 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है। इनमें अटेली क्षेत्र में 2521 किसानों ने 4073 एकड़ भूमि पर, कनीना क्षेत्र में 4030 किसानों ने 7646 एकड़ भूमि पर, नांगल चौधरी क्षेत्र में 253 किसानों ने 473 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है। नारनौल, महेंद्रगढ़ व सतनाली क्षेत्र में क्रमश: 1326, 1962, 3184 किसानों ने 2010, 2942, 9631 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है। इसी प्रकार चने के लिए जिले में 4855 किसानों ने 13604 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है। इनमें अटेली क्षेत्र में 8 किसानों ने 20 एकड़ भूमि पर, नांगल चौधरी क्षेत्र में 2262 किसानों ने 6785 एकड़ भूमि पर, सतनाली क्षेत्र में 1472 किसानों ने 3720 एकड़ भूमि पर तथा नारनौल, महेंद्रगढ़ व कनीना क्षेत्र में क्रमश: 1109, 14, 8 किसानों ने 3010, 45, 21 एकड़ भूमि पर पंजीकरण करवाया है।
बाजार भाव से काफी कम है सरसों का एमएसपी
सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जबकि बाजार में सरसों भाव 6500 से 6800 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। जोकि न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में किसान अपनी सरसों को मंडियों में ले जाने की बजाय आढ़तियों को सीधी बेचेंगे। कुछ किसान तो आढ़तियों को अपनी सरसों बेचकर जा भी चुके हैं। इस प्रकार एमएसपी के मुकाबले सरसों का बाजार भाव अधिक होने से सरकारी एजेंसियां खाली हाथ रह सकती है।
सरसों खरीद की सभी तैयारी कर ली है। नई अनाज मंडी में खरीद की जाएगी। जहां किसानों के बैठने, विश्राम करने, पीने के पानी आदि की व्यवस्था की गई है। मार्केट कमेटी का कार्यालय भी नई मंडी में शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में खरीद के दौरान किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-नुकुल यादव, सचिव, मार्केट कमेटी, नारनौल।