फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahendragarh-Narnaul News: 11 दिनों में सरकार को आठ करोड़ के राजस्व की हानि, 50 हजार लोगों का काम भी अटका

Sun, 14 Jan 2024 01:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
विज्ञापन
विज्ञापन
महेंद्रगढ़। दी रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन ने मांगों को लेकर चल रही हड़ताल को अब दो दिन और बढ़ाने की घोषणा कर दी है। तीन जनवरी से एसोसिएशन ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल शुरू की थी, जो शनिवार को 11वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण अब तक प्रदेश सरकार को करीब 8 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो चुका है। वहीं पिछले 11 दिनों से पटवारियों के हड़ताल पर रहने के कारण करीब 50 हजार लोगों के दस्तावेजों, नकल सत्यापन, रजिस्ट्री, विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र सहित अन्य प्रकार की सभी प्रक्रिया अटकी हुई हैं। वहीं अब 16 जनवरी तक हड़ताल की घोषण करने से लोगों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
विज्ञापन

यह अटके लोगों के कार्य,
इनमें से करीब 9500 लोगों के रिहायशी प्रमाण पत्र, एससी व बीसी प्रमाणपत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस, करीब 26500 लोगों के नकल सत्यापन, इंतकाल, 4 हजार लोगों के लोन चढ़ाने व उतारने सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं तहसील कार्याें में भी रजिस्ट्री सहित अन्य कार्यों के लिए जिम्मेदारों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
-
सरकार की वादा खिलाफ के कारण पटवारी हड़ताल को हैं मजबूर : सुनील
जिला पटवारी एसोसिएशन के प्रधान सुनील तंवर ने बताया कि जिले में 55 पटवारी, 11 काननूगो तथा पांच कार्यालय कानूनगो कार्य कर रहे हैं। वेतन हमारी मांग नहीं बल्कि हमारा हक है, सरकार की वादा खिलाफी के कारण ही पटवारी कानूनगो हड़ताल पर रहने को मजबूर हैं, जबकि आम लोग अपने कामों के लिए दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार अपने किए हुए वायदों से पीछे हट रही है। सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की बातचीत के लिए बुलावा न आने की सूरत में सांकेतिक धरना पहले 10 जनवरी तक था, उसके बाद धरने को बढ़ाकर 12 जनवरी कर दिया लेकिन 12 को भी कोई सुध नहीं ली गई जिसके कारण अब हड़ताल को 16 तक बढ़ा दिया गया है। पटवारी कानूनगो की हड़ताल के कारण एक तरफ जहां सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी और आमजन को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। लेकिन सरकार पटवारियों की मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें