फोटो 1सेमिनार में विद्यार्थियों को संबोधित करती प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय
नारनौल। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजकीय पीजी कॉलेज में आयोजित सेमिनार में प्रबुद्धजनों ने गीता पर विचार प्रकट किए। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से कमल दीदी ने कहा कि गीता हमें शास्त्र व शस्त्र के बीच का बैलेंस करना सीखाती है।
भगवत गीता विशाद व अवसाद से शुरू होती है। इसी प्रकार विद्यार्थी जीवन में कई बार अंतर्द्वंद्व आता है। उस अंतर्द्वंद्व से बाहर निकलने में गीता सहायता करती है। उन्होंने कहा कि जब भी जिंदगी जलेबी की तरह उलझ जाए तो गीता ज्ञान की चाशनी उस उलझन से बचाती है। गीता में हर समस्या का समाधान मिलेगा। यह नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर ले जाती है।
उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में समय प्रबंधन सबसे बड़ी चीज होती है और गीता हमें समय प्रबंधन के बारे में सिखाती है। इस मौके पर रामदेव सैनी ने भी गीता पर अपने व्याख्यान दिए। इस अवसर पर डॉ हवासिंह, जिओ गीता परिवार की ओर से सुरेंद्र कुमार, शिव हरी यादव व सुरेश कुमार भी मौजूद थे।