जिले में कंपकंपाती ठंड व कोहरे का कहर दिनभर रहा। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार भी कम हो गई। दिनभर सूर्य नारायण के दर्शन नहीं होने से जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है। शनिवार को नारनौल का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री व अधिकतम तापमान 13.7 डिग्री सेल्सियस रहा। धूंध व कोहरे के चलते शुक्रवार के मुकाबले न्यूनतम तापमान में 3.4 डिग्री व अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। महेंद्रगढ़ का न्यूनतम तापमान 4.2 तथा अधिकतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस बार ला- नीना मौसम प्रणाली द्वारा मौसम गतिविधियों बारिश, हिमपात, ओलावृष्टि, ठंड, कोहरा, पाला, न्यूनतम तापमान, अधिकतम तापमान, मानसून, वैस्टर्न डिस्टरबेंस, शीतलहर, कोल्ड डे चक्रवात में लगातार गतिशीलता देखने को मिल रही है। यह आगे भी रहने की संभावनाएं बन रही है। इस बार शीत ऋतु के दिनों में बढ़ोतरी देखी जाएगी। भारतीय मौसम विभाग ने पूरे इलाके पर 17 जनवरी तक ओरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है। शनिवार को जिले में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई है। जिला महेंद्रगढ़ में 13.7 से 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा है यानी 16.0 डिग्री सेल्सियस से नीचे होने की वजह से जिले में कोल्ड डे सबसे ठंडा दिन की स्थिति बनी हुई है। जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। हरियाणा में महेंद्रगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा और दूसरे स्थान पर हिसार का न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा। तीसरे पायदान पर नारनौल का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा है। क्षेत्र में हवाओं की गति में कमी की वजह से जबरदस्त कोहरा और धुंध की सफेद चादर ने अपने आगोश में ले लिया है। मकर संक्रांति पर्व पर एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने की वजह से दो पवनों के मेल से पूरे जिले पर बादलवाही है। जिसकी वजह से ठंड अपने असली रंग रूप और अंदाज में जलवा आमजन को दिखा रही है। आने वाले तीन दिनों तक इसी प्रकार का ठंड का आकार रहने वाला है।