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डीएपी खाद के लिए मची मारामारी, किसानों को नहीं मिल पा रही पर्याप्त डीएपी

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जिले में डीएपी खाद के लिए इन दिनों मारामारी देखने को मिल रही है। डिमांड अधिक और आपूर्ति कम होने के कारण यह मारामारी बनी हुई। जिससे किसानों को पर्याप्त डीएपी खाद नहीं मिल पा रहा है। सरकारी केंद्रों पर डीएपी खाद के लिए सुबह से लंबी कतारें लग जाती है लेकिन आपूर्ति कम होने के कारण किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रहा है।
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हैफेड की तरफ 650 मीट्रिक टन की डिमांड की हुई है लेकिन सरकार की तरफ जिले को महज 45 मीट्रिक टन ही डीएपी खाद मिल पाया है। ऐसे में खाद को लेकर मारामारी बनी हुई है। हालांकि विभाग प्रति किसान के लिए निर्धारित कोटे में कटौती कर सभी किसानों को खाद उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है लेकिन डीएपी की डिमांड अधिक बनी हुई है। इस प्रकार किसानों को डिमांड अनुसार खाद नहीं मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
खरीफ फसल की कटाई के बाद किसान अब रबी फसल की तैयारी में जुट गया है। इस बार जिले में बारिश भी अच्छी हुई है तो किसान जल्द से जल्द सरसों व गेहूं की बीजाई करना चाह रहा है इसलिए किसान पहले अपने खेत में डीएपी खाद डालना चाहता है ताकि बीजाई के बाद फसल को अच्छी ग्रोथ मिल सके। जिले में रबी फसल में मुख्य रूप से सरसों व गेहूं की बीजाई अधिक की जाती है। वहीं सरसों के मार्केट भाव 9 हजार प्रति क्विंटल होने के कारण किसानों का सरसों की अधिक रूझान देखा जा रहा है इसलिए किसान खेत में बुुआई से पूर्व डीएपी खाद का डालना चाहते है, लेकिन किसानों को पर्याप्त डीएपी खाद नहीं मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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खरीफ फसल की कटाई लगभग हो चुकी है। ऐसे में किसान रबी फसल की तैयारी करने में जुट गए है। इसलिए डीएपी खाद के सरकारी बिक्री केंद्रों पर किसानों की भीड़ देखने को मिल रही है। 3-4 दिनों के दौरान अचानक से खाद की डिमांड काफी अधिक बढ़ गई है। जिस कारण से किसानों को पर्याप्त खाद ही नहीं मिल पा रही है, क्योंकि जिले में खाद की डिमांड अधिक है और आपूर्ति कम। इससे किसानों को पर्याप्त डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
करीब दस दिन पूर्व किसानों को जहां पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद उपलब्ध करवाई जा रही थी। वहीं अब अधिक डिमांड बढ़ने के कारण किसानों को 3 से 4 बैग डीएपी के दिए जा रहे है। सरकारी बिक्री केंद्र कर्मचारियों के अनुसार प्रतिदिन 300 बैग डीएपी खाद के आ रहे है। 1200 रुपये प्रति बैग उपलब्धता अनुसार किसानों को वितरित किए जा रहे है। पहले जहां किसानों को दस बैग डीएपी खाद के दिए जा रहे थे, मगर अब अचानक से डिमांड बढ़ने से किसानों को 3 से 4 बैग ही डीएपी खाद के दिए जा रहे है।
डीएपी खाद की डिमांड लगातार बढ़ रही है। हमने सरकार से 650 मीट्रिक टन डीएपी खाद की डिमांड की हुई है। मगर अभी 45 मीट्रिक टन ही मिल पाया है। उच्चाधिकारियों से संपर्क कर डीएपी खाद की डिमांड बढ़ाने की मांग की गई। जल्द ही पर्याप्त डीएपी उपलब्ध होने की संभावना है। -राजकुमार शर्मा, जीएम हैफेड, नारनौल।
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