राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव। संवाद
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प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि पेंशन बनाने की प्रक्रिया और अधिक सरल हो। परिवार पहचान पत्र बनवाते समय परिवारों को अपने मां-बाप का अलग परिवार पहचान पत्र बनाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि सामाजिक पेंशन के लिए केवल पति-पत्नी की आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसमें पूरे परिवार की आय नहीं देखी जाती।
इस संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ा जा रहा है। कुछ नागरिक भ्रम में आकर परिवार पहचान पत्र में अपने माता-पिता का परिवार पहचान पत्र अलग बनवा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को केवल पति-पत्नी की आय के साथ जोड़ा गया है। उसके बेटे व परिवार के अन्य सदस्यों की चाहे जितनी भी आय हैं। इससे उसका कोई संबंध नहीं है। यदि एक परिवार में एक ही परिवार पहचान पत्र में चार बेटे हैं और उनकी कुल आय दो लाख रुपये से भी अधिक है तो भी वृद्ध पति-पत्नी की आय ही देखी जाएगी। उसके परिवार की आय से उनका कोई संबंध नहीं है। यादव ने बताया कि जिन पति-पत्नी की सालाना 2 लाख रुपये से अधिक है केवल उनकी पेंशन काटी जाएगी। वर्तमान में जो लाभार्थी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ ले रहे हैं उनका डाटा भी परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़कर संबंधित योजनाओं के प्रावधानों अनुसार कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से आह्वान किया कि वे किसी प्रकार के भ्रम में रहकर अलग-अलग परिवार पहचान पत्र ना बनवाएं। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से लोगों को योजनाओं के लिए सुविधाएं दी जाएगी।