नारनौल। चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को नारनौल स्थित एक निजी अस्पताल में छापा मारकर भ्रूण लिंग जांच के प्रकरण का खुलासा किया। इस दौरान भ्रूण जांच के आरोप में चिकित्सक दंपती और एक बिचौलिये बलकेश को गिरफ्तार कर लिया। बिचौलिये ने डिकॉय पेशेंट (फर्जी मरीज) से 40 हजार रुपये में सौदा तय किया था। टीम ने आरोपी महिला चिकित्सक डॉ. शशि चौधरी से 20 हजार रुपये बरामद किए हैं।
चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग के पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. नरेंद्र और महेंद्रगढ़ पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि चरखी दादरी टीम को सूचना मिली थी कि एक निजी अस्पताल में काम करने वाला कर्मचारी बतौर दलाल नारनौल में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करवाता है। सूचना मिलने के बाद चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. नरेंद्र के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। एक डिकॉय पेशेंट को हायर किया गया। डिकॉय पेशेंट ने 26 मई को नवजीवन अस्पताल के कर्मचारी बलकेश से फोन पर बातचीत की। इसके बाद वह रविवार को दलाल से मिलने आई थी। इस दौरान 40 हजार रुपये में डील हुई। इसकी सूचना डिकॉय पेशेंट ने चरखी दादरी स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी। टीम के कहने पर डिकॉय पेशेंट ने 40 हजार रुपये की राशि आरोपी बलकेश के परिचित के खाते में रविवार की रात को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करवा दी।
इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से डिकॉय पेशेंट, केयर टेकर, टीम का सदस्य तीनों को एक कार में बताए गए समय पर भेजा दिया। चरखी दादरी टीम ने महेंद्रगढ़ स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी सूचना दे दी। दोनों टीमें निर्धारित समय पर नारनौल पहुंच गई। एक छोर पर एक टीम तथा दूसरे छोर दूसरी टीम पहुंची। अस्पताल के अंदर लगभग आधे घंटे में डिकॉय पेशेंट का डॉ. शशि चौधरी और डॉ. प्रवीण कुमार चौधरी दोनों ने दो बार अल्ट्रासाउंड किया। जांच के बाद महिला चिकित्सक ने इशारों में उसको लड़का बताया। जांच पूरी होने के बाद टीम के सदस्य ने टीम को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद बिचौलिया बलकेश उनको छोड़ने के लिए बस स्टैंड पर गया जहां पर टीम ने उसको पकड़ लिया। इसके बाद अस्पताल में लेकर आई जहां पर उससे पूछताछ की तथा आरोपी दंपती चिकित्सक को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पीएनडीटी स्वास्थ्य विभाग नारनौल के नोडल अधिकारी डॉ. हर्ष के बयान पर तीनों आरोपियों के खिलाफ पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। इस मौके महेंद्रगढ़ टीम में शामिल डॉ. अविनाश एवं संदीप कुमार डीपीएम भी मौजूद रहे।
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चालीस हजार रुपये में हुआ था सौदा
डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि डिकॉय पेशेंट ने ऑनलाइन 40 हजार रुपये आरोपी बलकेश के किसी रिश्तेदार के खाते में ऑनलाइन भेजे थे। आरोपी ने 20 हजार रुपये निकलवाकर डॉ. शशि चौधरी को दे दिए थे। अस्पताल के ऊपर बने अपने घर के अंदर रखी अलमारी से डॉ. चौधरी ने 20 हजार रुपये निकालकर दिए। उन्होंने बताया कि पुलिस 20 हजार रुपये बलकेश से बरामद करेगी।
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अल्ट्रासाउंड मशीन एवं कक्ष को किया सील
डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि टीम को रिकॉर्ड रजिस्टर में पेशेंट के नाम की कोई प्रविष्टि नहीं मिली तथा न ही कोई रसीद कटी हुई थी और न ही अल्ट्रासांउड करने से पहले भरे जाने वाला फॉर्म भरा गया था। इस मौके पर अल्ट्रासाउंड मशीन एवं अल्ट्रासाउंड कक्ष को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी की डीवीआर को कब्जे में लिया तथा रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे में पेशेंट तथा उसका पति दोनों अंदर जा रहे हैं तथा दंपति चिकित्सक भी अल्ट्रासांउड कक्ष में जाते दिख रहे हैं।
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नियमों के विरुद्ध जाकर की जांच
डॉ. हर्ष चौहान ने बताया कि डॉ. पीके चौधरी अल्ट्रासाउंड करने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इसलिए नियमानुसार अल्ट्रासाउंड करना तो दूर वह कक्ष में भी नहीं जा सकते। उन्होंने बताया कि डिकॉय पेशेंट ने अपने बयान में बताया है कि दंपति ने एक-एक बार अल्ट्रासाउंड किया है।
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इस मामले में आरोपी बलकेश, डॉ. शशि चौधरी तथा डॉ. प्रवीण चौधरी तीनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। अल्ट्रासाउंड मशीन अल्ट्रासांउड कक्ष को सील कर दिया है।- डॉ. हर्ष चौहान, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी, नारनौल।