हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव निंबी निवासी साधारण परिवार की बेटी दिव्या ने बिना कोचिंग के यूपीएससी की परीक्षा में 438वें रैंक पाई है। अपने पहले ही प्रयास में यूपीएसपी की परीक्षा उत्तीर्ण कर उसने जिले का गौरव बढ़ाया है। गांव निंबी निवासी दिव्या एक साधारण परिवार से हैं। गांव निंबी के ही मनू स्कूल में प्राथमिक स्तर की पढ़ाई पूरी करने के उपरांत स्कूल से ही नवोदय में चयन हुआ।
नवोदय विद्यालय से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत राजकीय महिला महाविद्यालय से बीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ-साथ ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। मनू स्कूल की प्राचार्या मधु कुमारी व उप प्राचार्या पूजा ने बताया कि दिव्या के पिता के देहांत के बाद दिव्या की माता ने दूसरों के खेतों में मेहनत मजदूरी कर अपनी बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाया है। दिव्या के एक छोटी बहन व एक भाई है जो इस समय मनू स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह परिवार साधारण परिवार है तथा स्कूल में पहले तो दिव्या को तथा अब उसके छोटे भाई व बहन को पूर्णरूप से निशुल्क शिक्षा दी जा रही है।
प्रतिदिन दस घंटे की पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया
गांव निंबी निवासी दिव्या ने बताया कि उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की है। प्रतिदिन दस घंटे की पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने इसके लिए आवश्यक पाठ्यक्रम व अन्य प्रकार की जानकारी नेट के माध्यम से भी जुटाई है। पिता की दस वर्ष पूर्व देहांत होने के बाद मां ने उन्हें हौसला दिया और इस मुकाम तक पहुंचाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हुए कहा कि मेहनत के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। समय के सदुपयोग की आदत बनाएं। अपने आप को लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मानसिक रूप से तैयार कर जुट जाएं बाधाएं तो आएंगी ही, हिम्मत एवं सूझबूझ से उनका मुकाबला करना चाहिए। अपने माता-पिता का सपना पूरा करने के लिए पूरे दमखम के साथ मेहनत करें।