संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। जिला उद्योग केंद्र डीआईसी (नारनौल) कार्यालय के इंस्पेक्टर को रिश्वत लेने के मामले में बुधवार को विजिलेंस की टीम ने काबू कर लिया है।
हालांकि इसको लेकर आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी, जो नामंजूर हो चुकी है। आरोपी इंस्पेक्टर पीएनईजीपी के तहत ऋण दिलवाने के नाम पर 60 हजार की रिश्वत लेते कैमरे में कैद हो गया था। ऋण लेने वाले भांखरी के युवक ने 60 हजार रुपये देते समय रिकार्डिंग कर ली थी। इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दे दी।
इस पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शिकायत में भांखरी निवासी सनी ने बताया कि उसे पता चला कि पीएनईजीपी के तहत स्वरोजगार के लिए सरकार द्वारा लोन दिया जाता है। इसमें 35 प्रतिशत की सब्सिडी मिलती है। इसके लिए ऑनलाइन फार्म जमा होता है। पीड़ित ने 17 अक्तूबर 2023 को ऑनलाइन आवेदन कर दिया। इसके बाद उसके मोबाइल पर एक मैसेज मिला।
मैसेज मिलने के बाद वह डीआईसी निजामपुर रोड नारनौल पहुंचा, जहां पर उसकी मुलाकात इंस्पेक्टर राकेश से हुई। वर्तमान में आरोपी उपनिदेशक के पद तैनात है। आरोपी ने कहा कि इसके लिए 60 हजार रुपये लगेंगे, जो नकद देने होंगे। इसके बाद पीड़ित ने 60 हजार रुपये दे दिए। लेकिन उसने रुपये देते की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। यह रिकार्डिंग पीड़ित ने एसीबी को दी। इसके बाद गुरुग्राम विजिलेंस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी थी। बुधवार को आरोपी को नारनौल से काबू कर पूछताछ की जा रही है।