नलवाटी क्षेत्र की महिलाओं को अब डिलिवरी के लिए नारनौल नहीं जाना पड़ेगा क्योंकि अब छिलरो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही यह सुविधा शुरू हो गई है। स्वास्थ्य केंद्र की स्टाफ नर्स केवल साधारण डिलीवरी करवा रही हैं। डिलिवरी की सुविधा शुरू होने से नलवाटी के करीब 20 गांवों के लोगों को इस लाभ मिलेगा। यह सुविधा पिछले कुछ दिनों से ही शुरू हो पाई है। हालांकि पीएचसी में एलएमओ की पोस्ट खाली होने से पीएचसी महिलाओं के लिए रेफर सेंटर बना हुआ है। निजामपुर पीएचसी में रोजाना 100 के करीब मरीजों की ओपीडी रहती है लेकिन पीएचसी में स्टाफ नहीं होने के कारण नलवाटी के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नहीं जाना पड़ेगा नारनौल
पीएचसी में नॉर्मल डिलिवारी की सुविधा उपलब्ध होने से नलवाटी समेत राजस्थान के गांवों को भी डिलीवरी करवाने के लिए नारनौल नही जाना पड़ेगा। नारनौल बीस किलोमीटर दुर होने के कारण लोगों को आने जाने की परेशानी होती थी। कोरोना के चलते नलवाटी पीएचसी में डिलीवरी सुविधा को बंद कर दिया था। जिससे लोगों को परेशानी होती थी। पीएचसी में डिलीवरी सुविधा शुरू होने से नलवाटी क्षेत्र के लोगों में खुशी है।
तीन एकड़ में बनी पीएचसी
नलवाटी विकास समिति की मांग पर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तत्कालीन नारनौल के विधायक राधेश्याम शर्मा की मांग पर 2009 में पीएचसी बनाई थी। तीन एकड़ में बनी पीएचसी एक बार राज्य स्तरीय व एक बार केंद्र स्तरीय प्रतियोगिता में भी अपना स्थान बना चुकी है लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी के चलते नलवाटी के लोगों को मजबूरन नारनौल जाना पड़ता है जिससे लोगों का समय व पैसा दुगना लगता है। नलवाटी विकास समिति के उपाध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह ने बताया कि सरकार पीएचसी में स्टाफ की पूर्ति करें ताकि नलवाटी के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएचसी में मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित ने बताया कि पीएचसी में फार्मासिस्ट व एलएमओ की पोस्ट खाली होने से मरीजों को परेशानी होती है। कई बार उच्चाधिकारियों को भी दोनों खाली पोस्ट भरने के बारे में लिख चुके है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि पीएचसी की ओपीडी सीएचसी सेंटर के बराबर होती है। निजामपुर पीएचसी को 2019 में राज्य स्तरीय कायाकल्प अवॉर्ड व केंद्र सरकार का नेशनल क्वालिटी एसोंरेश अवॉर्ड मिल चुका है। नलवाटी विकास समिति ने सरकार से मांग की है कि पीएचसी को सीएससी बनाया जाए ताकि नलवाटी के लोगों को इलाज के लिए नारनौल न जाना पड़े ।
पीएचसी में एलएमओ की पोस्ट खाली होने की वजह से डिलिवरी पीएचसी में नही करवाई जा रही थी। अब पीएचसी में स्टाफ नर्स डिलीवरी करवा रही हैं जिससे नलवाटी क्षेत्र के लोगों को नारनौल नहीं जाना पड़ेगा।
-डॉ. अमित, मेडिकल ऑफिसर, पीएचसी, निजामपुर।
1995 में नलवाटी विकास समिति का गठन स्वर्गीय चौधरी सज्जन सिंह मास्टर ने किया था। नलवाटी विकास समिति समय समय पर नलवाटी के विकास की मांग सरकार के सामने रखती है। नलवाटी क्षेत्र में पीएचसी की मांग प्रमुख थी जिसको तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 2009 में पुरा किया था। अब नलवाटी विकास समिति पीएचसी को सीएचसी बनाने के लिए सरकार से मांग करेगी ताकि क्षेत्र के लोगों को परेशानी न हो।
-चौधरी अजीत सिंह, उपाध्यक्ष, नलवाटी विकास समिति।