अधिकारियों की बैठक लेते उपायुक्त अजय कुमार। संवाद
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सभी नागरिकों को बिना भेदभाव तथा समय पर सेवाएं मिले यही सुशासन का असली अर्थ होता है। अधिकारियों की यही जवाबदेही तय करने के लिए ही हरियाणा सरकार ने आस (आटो अपील सॉफ्टवेयर) शुरू किया है। सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अब लोगों को समय पर सेवाएं लेने का हक है। हरियाणा में जिला महेंद्रगढ़ सेवाएं देने में सातवें स्थान पर है। अधिकारी इस सरल स्कोर को 9.6 से 9.8 तक लाने का प्रयास करें। यह निर्देश उपायुक्त अजय कुमार ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में सुशासन सप्ताह के तहत सरकार के फ्लैगशिप कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में दिए। डीसा ने सीएम विंडो, एसएमजीटी, सरल पोर्टल तथा ई ऑफिस से संबंधित समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सुशासन सालभर चलने वाली प्रक्रिया है। सभी अधिकारी अपने विभागों के कर्मचारियों की लगातार मॉनिटरिंग करें और इन सभी क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए लोगों को समयबद्ध सेवाएं मुहैया करवाएं। सुशासन को सुनिश्चित करने के लिए ही सरकार ने राइट टू सर्विस एक्ट पास किया है। डीसी ने कहा कि किसी भी सेवा को लेने के लिए जब हम टेबल की दूसरी तरफ होते हैं तो हमारा नजरिया कुछ और होता है। यह नजरिया अधिकारियों को अब बदलना होगा। हमें खुद को भी आवेदक के तौर पर समझना होगा। सरकार का गुड गवर्नेंस का मकसद यही है कि हम सबको सरकार की सेवाएं व योजनाओं का लाभ तुरंत मिले।
उन्होंने सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक्शन टेकन रिपोर्ट की गुणवत्ता में और सुधार लाएं। उन्होंने पिछले साल की लंबित सभी शिकायतों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
डीसी ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी ई ऑफिस के माध्यम से ही फाइलों को अग्रेषित करें। ई ऑफिस का मुख्य मकसद कार्यालयों को पेपरलेस करना तथा फाइलों को सुरक्षित रखना है। इस संबंध में अधिकारी हर सप्ताह अपने कर्मचारियों की बैठक लेकर उन्हें नए सिस्टम के तहत कार्य करने के निर्देश दें।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया, नगरधीश अमित कुमार, कनीना के एसडीएम सुरेंद्र कुमार व सीएमजीजीए कृतिश कुमार के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।