नारनौल में हरियाणा सीमा से सटे भालोठ में हुई सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि अवैध संबंध के विरोध पर बहू ने ही ससुर की हत्या करवाई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक की बहू और उसके तांत्रिक प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बिहार के दो शूटरों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
राजस्थान के झुंझुनू जिले के एसपी राजर्षी वर्मा ने बताया कि भालोठ में सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर भानाराम की एक अप्रैल को देसी कट्टे से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पता चला कि बहू मंजू का इस हत्याकांड में हाथ है। सख्ती से पूछताछ की गई तो मामले का खुलासा हो गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मंजू के अपने ससुर मृतक भानाराम के साथ करीब 25 साल से अवैध संबंध थे। इस बीच मंजू की निजामपुर निवासी मान सिंह उर्फ फौजी से जान-पहचान हो गई। धीरे-धीरे दोनों में अवैध संबंध बन गए। इसके बाद मंजू ने मानसिंह को नारनौल में ही किराए पर मकान दिलवा दिया।
प्रेमी घर छोड़ने आने लगा तो ससुर ने जताया था विरोध
मंजू हर तीन चार दिन में प्रेमी मान सिंह के पास जाने लगी। मंजू को छोड़ने मानसिंह भी उसके ससुराल तक आने लगा। ससुर भानाराम को यह बात पसंद नहीं आई। उसने मंजू को खर्चा देना बंद कर दिया। वह मंजू के अवैध संबंधों का विरोध करने लगा। इस पर मंजू ने प्रेमी मान सिंह के साथ मिलकर भानाराम की हत्या की योजना बनाई।
बिहार से शूटर लाया था मान सिंह
हत्या की योजना के तहत आरोपी मान सिंह बिहार गया और वहां से तीसरे आरोपी जितेंद्र उर्फ बिजेंद्र सिंह निवासी चचार्की बिहार के माध्यम से दो लड़के अमित कुमार व छोटू को हथियार के साथ भालोठ बुला लाया। योजना के तहत एक अप्रैल को दोनों ने घर में सो रहे भानाराम के सिर में देसी कट्टे से गोली मारकर हत्या कर दी।
मान सिंह कहता था अधजली लाशें खाकर प्राप्त की है सिद्धि
तांत्रिक मान सिंह ने मंजू को अपनी तंत्र विद्या से मोहित किया था। पुलिस के मुताबिक, वह मंजू को बताता था कि वह वाराणसी के मनका घाट पर रहा है। उसने श्मशान घाट में अर्धजली लाशों का मांस खाकर 62 दिन में तंत्र विद्या सिद्ध की है। इस सिद्ध तंत्र विद्या से वह जमीन में दबा हुआ धन निकालता है।