हरियाणा के नारनौल में नकली आरटीए अधिकारी बनकर फर्जी पर्ची काटकर वाहन चालकों से वसूली करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को सीआईए पुलिस टीम ने राजस्थान में जयपुर से गिरफ्तार किया है। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भूपेंद्र उर्फ बबलू निवासी नागोर, राजस्थान और धर्मेंद्र निवासी झज्जर, हरियाणा के रूप में हुई है। खास बात यह है कि कुछ दिनों से यह गिरोह जिले में बोलेरो गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर घूम रहा था और नकली आरटीए अधिकारी बनकर ओवरलोड ट्रकों और अन्य वाहन चालकों को फर्जी पर्ची काटकर अवैध वसूली कर रहा था। यह खुलासा बुधवार को पुलिस उप अधीक्षक नरेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान किया।
उन्होंने बताया कि पिछले 15-20 दिनों से नारनौल से आकोदा के बीच रात के समय बोलेरो पर नीली बत्ती लगाकर नकली आरटीए स्टाफ ओवरलोड ट्रकों और अन्य वाहन चालकों की पर्ची काट कर उनसे वसूली कर रहा था। इसकी सूचना ट्रक चालकों ने आरटीए ऑफिस में दी थी। इसके बाद आरटीए अधिकारियों ने इसका पता लगाने का प्रयास किया तो उनको 3500 रुपये की काटी हुई नकली पर्ची मिली।
इसके बाद एमवीओ सुमन ने महेंद्रगढ़ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इस पर पुलिस अधीक्षक ने सीआईए के निरीक्षक उमर मोहम्मद को आरोपियों को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी। उमर मोहम्मद ने मुखबिर की सूचना पर राजस्थान के जयपुर से मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
राजस्थान में दे चुके हैं वारदात को अंजाम
पुलिस को अभी तक की जांच में पता चला है कि आरोपी इससे पहले राजस्थान के बीकानेर और जयपुर जिले में भी इसी तरह की वारदात कर चुके हैं। वहां पर इनको गिरफ्तार भी किया जा चुका था। उप अधीक्षक ने बताया कि अभी इनके दो-तीन साथी और हैं, जिनका पता लगाया जा रहा है। वो भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। इसके अलावा बोलेरो गाड़ी भी बरामद की जाएगी। पुलिस ने साढ़े तीन हजार रुपये तथा साढ़े आठ हजार रुपये की दो पर्चियां बरामद की हैं।
नहीं काटी जाती मौके पर पर्ची
एवीओ सुमन यादव ने शिकायत में बताया कि आरटीए स्टाफ द्वारा मौके पर पर्ची नहीं काटी जाती है। वाहन चालक को कार्यालय बुलाकर ऑनलाइन पर्ची काटी जाती है। लेकिन नकली आरटीए स्टाफ बनकर फर्जी पर्ची काटकर अवैध वसूली करने वाले मौके पर ही हाथ से पर्ची काट रहे थे।
वाहन चालक नहीं कर पाते विरोध
सुमन यादव ने बताया कि वाहन चालक आरटीए का स्टाफ समझकर विरोध नहीं कर पाते हैं। इस वजह से वो उनके चंगुल में फंस जाते हैं। नकली आरटीए के कारण सरकार को राजस्व के अलावा वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा था।
19 फरवरी को चकमा देकर भाग गए थे आरोपी
सुमन यादव ने एफआईआर में बताया कि 19 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे नारनौल में अटेली रोड पर इस प्रकार की अवैध वसूली की सूचना मिली तो आरटीए स्टाफ ने उनका पीछा किया पर वे चकमा देकर महेंद्रगढ़ से दूलोठ होते हुए राजस्थान की तरफ भाग गए थे। इस संबंध में 22 फरवरी को पुलिस में शिकायत दी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।