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नारनौल: बोर्ड को मिले दसवीं कक्षा के फर्जी प्रमाणपत्र, चार पर केस दर्ज, सचिव ने की कार्रवाई

Sun, 12 Jun 2022 12:08 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, नारनौल (हरियाणा)

सार

2021 में 12वीं का परिणाम दसवीं कक्षा के प्रमाणपत्र के आधार पर जारी किया था। जांच करने पर महेंद्रगढ़ के चार विद्यार्थियों के फर्जी प्रमाणपत्र मिले।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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कोरोना काल 2021 में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा न करवाकर दसवीं प्रमाणपत्र के आधार पर 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित किया था। हरियाणा के नारनौल में भी 12वीं की परीक्षा में बैठने वाले कुछ विद्यार्थियों ने बोर्ड में दूसरे राज्यों से पास दसवीं का प्रमाणपत्र जमा करवाएं थे। ऐसे में जब उनकी जांच की गई तो उनके प्रमाणपत्र फर्जी मिले।

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इस पर सचिव ने चार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। मामले में महेंद्रगढ़ के चार विद्यार्थी भी शामिल हैं। इस संबंध में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के सचिव ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध जांच विभाग को एक शिकायत भेजकर उचित कार्रवाई करने की मांग की थी। 

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की ओर से 9 मई को जिला पुलिस अधीक्षक के पास उक्त शिकायत भेजी गई। इसके बाद इसकी जांच कनीना के उप पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई। जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए। फर्जी प्रमाणपत्र वाले विद्यार्थी मंगल सिंह, जतिन यादव, करुण शर्मा, बंटी हैं। इन विद्यार्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया है कि शैक्षणिक सत्र 2021 में कोरोना महामारी के कारण प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के आदेशानुसार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की परीक्षा का आयोजन नहीं किया था।

परीक्षाएं रद्द होने पर सरकार व बोर्ड ने कक्षा 12वीं का परिणाम दसवीं कक्षा के प्राप्तांक के आधार पर किया था। जिन विद्यार्थियों ने दूसरे राज्यों से दसवीं की परीक्षा पास की हुई थी, उनके दसवीं के प्रमाण पत्र चेक किए गए। ऐसे में उनके दसवीं के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इसमे महेंद्रगढ़ के चार विद्यार्थी भी शामिल हैं। 

कनीना डीएसपी की ओर से की गई मामले की जांच
मामले की जांच के लिए हरियाणा शिक्षा बोर्ड के सचिव द्वारा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजी गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक की तरफ 9 मई को जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजकर मामले की जांच करवाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच कनीना डीएसपी को सौंपी। डीएसपी ने मामले की जांच की तो इसमें जिले के कई विद्यार्थियों के दस्तावेज फर्जी पाए गए। जिसके बाद उक्त के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर किया गया है। 

एडमिशन के समय नहीं किए दस्तावेज चेक
फर्जी प्रमाणपत्र के मामले में सबसे बड़ी चूक विद्यालयों से हुई है। विद्यालयों ने प्रवेश के समय उनके दस्तावेेजों की जांच नहीं की। विद्यालयों को प्रमाण पत्र जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाना चाहिए था। 

परीक्षार्थियों के पास कहां से आए फर्जी प्रमाणपत्र
जांच का विषय यह है कि माध्यमिक कक्षा के प्रमाण-पत्र परीक्षार्थियों को किस माध्यम से उपलब्ध हुए है। ऐसे माध्यमों का पता करना तथा उन पर रोक लगाना अति आवश्यक है, क्योंकि इन माध्यमों के प्रलोभनों के कारण परीक्षार्थियों के आर्थिक शोषण के साथ-साथ उनके भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रलोभन वश ऐसे माध्यमों का शिकार छात्र भी दोषी हैं, क्योंकि इन्हीं के कारण ऐसे माध्यमों को बढ़ावा मिल रहा है। 

आरोपियों के परीक्षा परिणाम किया रद्द 
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने आरोपी परीक्षार्थियों का 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम रद्द कर दिया है। बोर्ड की ओर से ऐसे परीक्षार्थियों के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया गया है। 

12वीं कक्षा के अंदर जिन स्कूलों ने बिना दस्तावेज चेक किए तथा जांच के एडमिशन दिया। उनको नोटिस जारी किया गया है तथा एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। - जगबीर सिंह, चेयरमैन, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड। 

हमारे पास ऊपर से जांच आई थी जांच के बाद  मंगल सिंह, जतिन, करुण शर्मा तथा बंटी आरोपी मिले हैं। उनके खिलाफ नारनौल थाने में मामला दर्ज करवा दिया गया है। -राजीव कुमार, डीएसपी, कनीना।

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